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Ghaziabad News: फर्जी डिग्री वाले आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सकों पर शिकंजे की तैयारी

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गाजियाबाद। कथित तौर पर फर्जी डिग्री के आधार पर आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति से मरीजों का इलाज करने वाले पांच चिकित्सकों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। शासन से मिले पत्र के बाद क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी ने पांचों चिकित्सकों को नोटिस जारी कर पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सात दिन में जवाब नहीं मिलने पर उनके अस्पताल और क्लीनिकों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी और बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी की डिग्री हासिल करने के बाद मरीजों का इलाज करने के लिए आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यह पंजीकरण लखनऊ में होता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शासन से कार्रवाई के लिए पत्र मिलने के बाद पांचों चिकित्सकों के पते पर डाक से नोटिस भेजे गए हैं। विभागीय रिकॉर्ड में इनका पंजीकरण नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इन चिकित्सकों में डॉ. अजयपाल सिंह असलातपुर फर्रुखनगर, डॉ. धर्मपाल सिंह राजबाग लोनी, डॉ. मनोज कुमारी गरिमा गार्डन साहिबाबाद, डॉ. रानी प्रवीन विजय नगर और डॉ. कुशल पाल गिरधर एन्क्लेव साहिबाबाद शामिल हैं।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक राना ने बताया कि लखनऊ से पत्र आया है। पांचों चिकित्सकों का विभाग में पंजीकरण नहीं है। सभी को नोटिस जारी कर सात दिन में दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सात दिन में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर टीम गठित कर संबंधित अस्पताल और क्लीनिकों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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