विजयनगर में सीवर साफ करने के लिए उतरे कर्मी के इसी प्रकरण का आयोग ने किया है संज्ञान। स्रोत: जा
गाजियाबाद। बिना सुरक्षा उपकरण के सीवरेज के मैनहोल में कर्मचारी के उतरने के मामले में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को कार्रवाई करने और 30 दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है। आरोप है कि बिना सुरक्षा उपकरण के मैनहोल में कर्मचारी के उतरने से उसकी जान को खतरा हो सकता था। न्यू विजयनगर निवासी अधिवक्ता सचिन ढिंगिया ने बताया कि दो जुलाई को विजयनगर के सेक्टर नौ स्थित एफ ब्लॉक में कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरण के सीवरेज के मैनहोल में उतारकर हाथों से सफाई कराई जा रही थी। उसको न तो दस्ताने उपलब्ध कराए गए और न ही ऑक्सीजन का सिलिंडर दिया गया। जबकि, सीवरेज के मैनहोल में दम घुटने से लगातार कर्मचारियों की मौत हो रही हैं। इसके लिए तमाम नियम बनाए गए हैं, लेकिन नगर निगम गाजियाबाद में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा। आयोग के सदस्य ने भी इस प्रकरण में कार्रवाई के लिए आयोग के निदेशक को पत्र लिखा। इसके बाद आयोग के सहायक निदेशक ने इस मामले में कार्रवाई करने और इसकी रिपोर्ट 30 दिन के अंदर आयोग को भिजवाने के आदेश दिए हैं।
पुलिस बोली...उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं
सचिन ढिंगिया ने इस मामले में संबंधित एजेंसी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए विजयनगर थाने में उसी समय शिकायत दी थी। आईजीआरएस पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। इसमें पुलिस के जांच अधिकारी ने यह कहते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से इन्कार कर दिया कि यह प्रकरण उनके अधिकार क्षेत्र का नहीं है। नगर निगम को इसमें कार्रवाई करने का अधिकार है। सचिन ढिंगिया ने बताया कि किसी की जान जोखिम में डालकर काम कराने का प्रकरण आपराधिक श्रेणी का है। इसके बाद ही उन्होंने सफाई कर्मचारी आयोग का रुख किया।
निजी कंपनी की बढ़ सकती है मुश्किल
नगर निगम की सीवरेज की सफाई का ठेका वाबाग कंपनी के पास है। आयोग की सख्ती के बाद कंपनी की मुश्किलें भी बढ़नी तय हैं। नगर निगम से हुए कंपनी के समझौते के मुताबिक भी इस तरह के नियमों का पालन सख्ती से करने के आदेश दिए गए हैं। अब देखना है कि नगर निगम कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
नगर आयुक्त, गाजियाबाद विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि नोटिस की बात जानकारी में आई है। जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित होगी।