गाजियाबाद। जिले में भी खुले नालों समेत तमाम ऐसे स्थल हैं, जो हादसों का सबब बन रहे हैं। इसके बावजूद विकास एजेंसियों और विभागों की उदासीनता टूट नहीं रही। स्थिति यह है कि जिलाधिकारी के निर्देश के सात दिन बाद भी अधिकांश एजेंसियां व विभाग दुर्घटनाओं के लिहाज से संभावित स्थलों की जानकारी नहीं जुटा सके।
इस दरमियान खुले नालों के कारण दो हादसे हो चुके हैं। इनमें एक मासूम की जान चली गई, जबकि दो लोग गंभीर घायल हुए। सिर्फ सात विभागों और एजेंसियों ने ही ऐसे स्थलों की सूची उपलब्ध कराई है। अन्य को जिलाधिकारी ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर की मौत के बाद गाजियाबाद में भी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने निर्देश दिया था कि 25 जनवरी तक सभी विभाग और विकास एजेंसियां दुर्घटना संभावित स्थलों की रिपोर्ट तैयार करें। इसे 27 जनवरी को कलक्ट्रेट में समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया जाना था।
मंगलवार को एडीएम वित्त सौरभ भट्ट की अध्यक्षता में बैठक हुई तो नगर निगम, जीडीए, नगर पालिका मोदीनगर, रजापुर विकासखंड, लोक निर्माण विभाग खंड-2, अग्निशमन विभाग, आवास विकास परिषद की ओर से ही रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
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20 विभागों और एजेंसियों को देनी है रिपोर्ट
एडीएम वित्त सौरभ भट्ट ने बताया कि 20 विभागों और एजेंसियों को दुर्घटना संभावित स्थलों की जानकारी देनी है। इनमें से 13 की रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके अंतर्गत निर्माणाधीन मॉल, बहुमंजिला भवनों, सड़कों पर खुले गड्ढों, तालाबों, सीवर, क्षतिग्रस्त डिवाइडर, पुल सहित अन्य सभी प्रकार के दुर्घटना संभावित स्थलों को चिह्नित करना है। इनके सुधार के लिए 30 जनवरी तक कार्य शुरू कराने के निर्देश हैं।
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नगर निगम की रिपोर्ट में 42 दुर्घटना संभावित स्थल
नगर निगम के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने बताया कि पिछले सात दिनों में कराए गए सर्वे में हादसों के लिहाज से 42 दुर्घटना संभावित स्थल चिह्नित किए गए हैं। इनमें ज्यादातर सड़क किनारे खुले नाले हैं। ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग कराई जाएगी। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
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जीडीए ने दी तीन जोन की रिपोर्ट, हादसे के चार संभावित स्थल
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि सभी जोन में सर्वे कराया जा रहा है। तीन जोन की रिपोर्ट संकलित कर जिला प्रशासन को दी गई है। राजनगर एक्सटेंशन (जोन एक) में एक, इंदिरापुरम (जोन छह) में दो और प्रताप विहार (जोन चार) में एक स्थल चिह्नित किया गया है। सभी को नोटिस भी भेज दिया है। अन्य जोन में सर्वे जारी है। एक-दो दिन में रिपोर्ट आने के बाद उसे भी सौंप दिया जाएगा। दुर्घटना संभावित स्थलों पर बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए हैं।