रोज संक्रमित मिलने पर भी बाजारों में सैनिटाइजेशन नहीं
गाजियाबाद। शहर में पिछले 19 दिनों से रोज संक्रमित मिलने पर भी बाजारों में सैनिटाइजेशन नहीं कराया जा रहा है। दूसरी लहर से पहले भी ऐसी ही लापरवाही बरती गई थी। अप्रैल-मई में इसके भयावह नतीजे देखने के बाद भी अफसरों ने सबक नहीं लिया। न तो बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए जिम्मेदारी तय की गई है और न ही पुलिस मास्क न पहनने वालों के चालान काट रही है। यह हाल तब है जबकि शहर में न केवल ओमिक्रॉन की दस्तक हो चुकी है, बल्कि कोरोना संक्रमण 10 पॉश कॉलोनियों में पहुंच चुका है।
अमर उजाला टीम ने रविवार को तुराबनगर, मालीवाड़ा, गांधी नगर, रमते राम रोड, नया गंज, नवयुग मार्केट में पड़ताल की तो पता चला कि न तो प्रशासन की तरफ से सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है और न ही बाजार कमेटी करा रही हैं। पुराना बस अड्डा सब्जी मंडी और साहिबाबाद सब्जी मंडी में भी यही स्थिति मिली। दुकानदारों ने बताया कि सितंबर-अक्तूबर तक कुछ लोग अपने स्तर से सैनिटाइजेशन करा रहे थे। इसके बाद कोरोना के केस कम हुए तो बंद करा दिया। अप्रैल और मई में संक्रमण बढ़ने के बाद बाजारों को बंद रखा गया था। इसके बाद जून में बाजारों को खोलने की अनुमति दी गई। साप्ताहिक बंदी पर बाजारों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था उस दौर में रही। जुलाई आते-आते संक्रमण के मामले घटे और नगर निगम ने बाजारों में होने वाले सैनिटाइजेशन को बंद कर दिया।
दलील : डेंगू नियंत्रण के लिए बंद किया था सैनिटाइजेशन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार का कहना है कि जुलाई के बाद संक्त्रस्मण के मामले कम हुए तो डेंगू ने अपने पैर पसार लिए। डेंगू के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए सैनिटाइजेशन का कार्य बंद? किया। अब संक्रमण बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग के साथ साप्ताहिक बंदी वाले दिन सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
दर्द : बाजार बंद होने की आएगी नौबत
विजयनगर के कारोबारी वसीम अली का कहना है कि सैनिटाइजेशन नहीं होगा तो संक्त्रस्मण बढ़ेगा। यह बढ़ा तो बाजार बंद होने की फिर से नौबत आएगी। राष्ट्रीय व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. अशोक भारतीय का कहना है कि अभियान चलाकर व्यापारियों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के लिए कहा जाएगा।
संक्रमण घटने पर हटे गोल घेरे
कारोबारी राजू बाटला ने कहा कि जब कोरोना संक्रमण अधिक था, तब दुकानों के आगे गोल घेरे बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया था। खुद के और परिवार के बचाव के लिए फिर से गोल घेरे बनाकर नियमों का पालन कराया जाएगा।
छह गुना बढ़ा संक्रमण, 24 सक्त्रिस्य मरीज
नवंबर के मुकाबले दिसंबर में कोरोना संक्रमण 6 गुना तेजी से बढ़ा है। दिसंबर में सिर्फ 18 दिन में 32 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 24 मरीजों का अभी भी उपचार चल रहा है। नवंबर में जिले में कोरोना के केवल 6 मरीज मिले थे।
क्रॅासिंग रिपब्लिक में बुजुर्ग महिला संक्रमित
- संक्रमित छात्रा के परिवार के संपर्क में आई थी महिला
क्रॉसिंग रिपब्लिक में रहने वाली एक और बुजुर्ग महिला कोरोना संक्रमित मिली हैं। बुखार और खांसी होने के बाद परिजनों ने उनकी जांच कराई थी। रविवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला संक्रमित छात्रा के परिवार के संपर्क में आई थी। महिला को कोविशील्ड वैक्सीन का दोनों डोज लग चुका है। महिला को होम आइसोलेशन में रखा गया है। उनका सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। रविवार को दो संक्रमितों का होम आइसोलेशन पूरा हो गया। अब तक क्रासिंग रिपब्लिक में 10 मरीज मिल चुके हैं। नेहरू नगर और क्रॉसिंग रिपब्लिक को हॉट स्पॉट बना दिया गया है। दोनों क्षेत्रों में प्रतिदिन एक सौ से डेढ़ सौ लोगों की जांच की जा रही है।
ओमिक्त्रसॅन संक्रमित देशों से लौटे 1300 लोग
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अब तक ओमिक्रॉन संक्रमित देशों से 1300 से अधिक लोग लौट चुके हैं। सभी की जांच की जा चुकी है। इनमें से अभी तक कोई भी ओमिक्रॉन संक्रमित नहीं मिला है।
इन क्षेत्रों में मिले मरीज
क्रॉसिंग रिपब्लिक - 10
नेहरू नगर - 10
इंदिरापुरम -04
लोहिया नगर - 01
वैशाली - 01
शास्त्रीनगर - 01
साहिबाबाद - 01
शालीमार गार्डन - 01
राजेंद्रनगर - 01
इंदिरापुरम के दो होटल में रुके यात्री - 02
घर पर नहीं दी जाएगी किसी
भी संक्रमित को ऑक्सीजन
डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि अभी जितने भी मरीज होम आइसोलेशन में हैं, किसी भी मरीज को घर पर ऑक्सीजन नहीं दी जाएगी, क्योंकि किस मरीज को कितनी ऑक्सीजन दी जानी चाहिए। सामान्य आदमी नहीं पता होता कि मरीज कितनी ऑक्सीजन दी जानी है। ऐसेमें कई बार अधिक ऑक्सीजन देने से मरीज की हालत सुधरने के बजाए बिगड़ जाती हैं। होम आइसोलेशन वाले हर मरीज को चार डॉक्टर 24 घंटे मॉनिटर कर रहे हैं। अगर किसी मरीज के सांस फूलने या किसी अन्य तरह की परेशानी होती है तो उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती करायाजाएगा। सभी सरकारी अस्पतालों में सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था है। जिले में नौ अस्पतालों में 11 ऑक्सीजन प्लांट संचालित हैं। 410 कंसंट्रेेटर और 250 सिलिंडर भी मौजूद है। कोरोना कमांड कंट्रोल रूम में इस समय चार डॉक्टरों के साथ ही 12 कर्मचारी लगाए हैं। किसी भी संक्रमित की 12 घंटे में मॉनिटरिंग कर रहे हैं। विभाग के पास 3029 वायल रेमडेसिविर इंजेक्शन मौजूद है।
चिंता : एक लाख बुजुर्गो को नहीं लगा टीका
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिले के एक लाख बुजुर्गों को कोरोना से बचाव का टीका नहीं लगा है। इम्यूनिटी कम होने के कारण यही वर्ग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। जिले में करीब पांच लाख बुजुर्ग हैं। इनमें 3.93 लाख का टीकाकरण हो चुुका है। स्वास्थ्य विभाग बाकी के बुजुर्गों को ढूंढने में नाकाम साबित हो रहा है।
16 जनवरी से अब तक 25.49 लाख लोगों को पहला डोज लगा है। कुल 27.02 लाख लोगों का टीकाकरण किया जाना है। अभी 1.53 लाख लोग टीके के पहले डोज से वंचित हैं। इनमें 16.22 लाख लोगों को टीके के दोनों डोज लग चुके हैं। 9.24 लाख लोगों को दूसरा डोज लगाया जाना है। टीके से वंचित लोगों में एक लाख बुजुर्ग हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ढूंढ नहीं पा रहा है। जबकि कोरोना का नया स्वरूप ओमिक्रॉन भी दस्तक दे चुका है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल का कहना है कि जो लोग टीकाकरण से वंचित है, उनकी खोज करने के साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि नजदीकी बूथों पर पहुंचकर करा सकते हैं।
टीकाकरण का लक्ष्य - 54.04 लाख दोनों डोज
अब तक लगा कुल डोज - 4180586
पहला डोज - 2549780
दूसरा डोज - 1630606
पुरुष - 2311343
महिला- 1867345
अन्य - 1898
18 - 44 वर्ष - 2894865 (30000 शेष)
45- 60 वर्ष - 892246 (19000 शेष)
60 वर्ष से अधिक - 393475 (एक लाख शेष)
पहला डोज लगा (बुजुर्ग) - 209472
दूसरा डोज लगा (बुजुर्ग) - 184003