स्वास्थ्य विभाग ने इन स्थानों पर नोटिस भेजकर उन्हें स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने तीन टीमों को जांच के लिए लगाया है, ताकि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जा सके।
शहर में अधिकांश सोसायटियों में करोड़ों रुपये के फ्लैट हैं, लेकिन पानी के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से बोतलबंद पानी पी रहे हैं। इसके पहले पंचशील वेलिंग्टन बुलंद हाइट्स क्रॉसिंग रिपब्लिक, लैंड क्राफ्ट मेट्रो होम्स बसंतपुर सैथली, नीलपदम कुंज सेक्टर-1 वैशाली, रूपाली कन्फेक्शनरी साहिबाबाद, केडब्ल्यू सृष्टि, क्लाउड नाइन वैशाली, गार्डेनिया गीतांजलि सोसायटी वसुंधरा, आम्रपाली एम्पायर सोसायटी, लोटस सृष्टि सोसायटी, भारत सिटी सोसायटी, फॉर्च्यून रेजीडेंसी, गौड़ सिद्धार्थम सोसायटी, एपेक्स क्राइमलाइन सहित कई वाटर प्लांट और नामी शिक्षण संस्थानों में पानी के नमूने फेल हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने दी चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच की जा रही है, लेकिन कई सोसायटियों की एओए (आवासीय कल्याण संघ) नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। अब विभाग प्रशासन, नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारियों को विस्तृत जानकारी भेज रहा है।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कोशिश यह है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाए। लोगों को सुरक्षित पानी मुहैया कराया जाए। इस दिशा में गंभीर कदम उठाने के लिए विभाग द्वारा जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाले समय में ऐसे संकटों से बचा जा सके।