गुजरात के सावली स्थित एल्स्टम इंडिया कंपनी ने शनिवार को अपने उत्पादन प्लांट से रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की आधुनिक सुविधा से युक्त पहली ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंप दी। कंपनी ने एनसीआरटीसी के अधिकारियों को रैपिड रेल की चाबी सौंपी। पहली रैपिड रेल सराय काले खां-गाजियाबाद-मेरठ रूट पर चलेगी।
शनिवार को हुए कार्यक्रम में एनसीआरटीसी अधिकारियों को ट्रेन की चाबी सौंपी गईं। अब इसे कंटेनरों में लादकर गाजियाबाद के दुहाई स्थित डिपो में ले जाया जाएगा। इस दौरान वीडियो संदेश में आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने समय से पहली ट्रेन सौंपने के लिए कंपनी के कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, यह हम सबके लिए गर्व का मौका है। कार्यक्रम के दौरान हरी झंडी दिखाकर ट्रेन का उद्घाटन किया गया।
हैदराबाद में तैयार किया गया है ट्रेन का डिजाइन
आरआरटीएस ट्रेन का डिजाइन हैदराबाद में तैयार किया गया और इसे गुजरात के सावली में बनाया गया। इस ट्रेन को 180 किमी. प्रति घंटे की गति से चलने के लिए डिजाइन किया गया है। मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उम्मीद जताई कि इस ट्रेन से तेजी से बढ़ते शहरीकरण के प्रबंधन में मदद मिलेगी। उन्होंने साथ ही कहा, पहली आरआरसीएस ट्रेन मिलने के बाद दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर समय से पूरा होना भी तय हो गया है।
साहिबाबाद-दुहाई रूट पर इस साल के अंत तक होगा ट्रायल
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेन आने के बाद इसका पहला ट्रायल रन साहिबाबाद-दुहाई रूट पर साल के अंत तक होने की संभावना है। 17 किलोमीटर के इस प्राथमिकता वाले खंड को 2023 से शुरू करने का लक्ष्य है। पूरा कॉरिडोर 2025 तक शुरू होना है। ट्रेन उच्च स्तरीय है। इससे कॉरिडोर को समय से या कुछ पहले शुरू करने में मदद मिलेगी। ट्रेन का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के तहत किया गया है।
किराया तय नहीं, पर यात्रियों की जेब पर भारी नहीं होगा
दिल्ली से मेरठ के लिए चलने वाली आरआरटीएस के किराए के बारे में पूछने पर केंद्रीय आवास और शहरी मामले मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी
सचिव ने कहा, अभी इस पर फैसला होना बाकी है। किराया यात्रियों की जेब पर भारी नहीं होगा, लेकिन इससे राजस्व की पूर्ति होना भी जरूरी है।
रैपिड रेल में मिलेंगी ये सुविधाएं
एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने बताया कि डिजाइन के मुताबिक ट्रेन की अधिकतम गति भले 180 किमी. प्रति घंटे है, लेकिन इसे 160 तक ही चलाया जाएगा। इससे सफर औसतन 100 किमी. प्रति घंटे की दर से तय होगा। ट्रेन की सीटें 2 गुणा 2 होंगी। इसमें खड़े होने के लिए काफी स्थान होगा। यात्रियों के सामान रखने के लिए रैक, सीसीटीवी कैमरों, लैपटॉप/मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, गतिशील मार्ग मानचित्र, स्वत: नियंत्रित प्रकाश व्यवस्था, हीटिंग वेंटीलेशन और एसी के साथ अन्य सुविधाएं होंगी। ट्रेन में सामान्य के साथ उच्च आय वर्ग के लिए भी एक कोच होगा। हर एक ट्रेन का एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा। आरआरटीएस से एनसीआर में हरित परिवहन उपलब्ध होगा।