परिवहन विभाग ने सड़क हादसों को कम करने के लिए स्थायी उपाय तलाशने पर जोर दिया है। सड़क दुर्घटनाओं में हर साल सैकड़ों लोगों की मौत होती है। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ एनसीआर में ट्रैफिक सिस्टम की समीक्षा कर हादसों को रोकने के उपाय तलाशेंगे।
विभागीय तैयारियों में एक्सीडेंट कम करना और घायलों को जल्द उपचार उपलब्ध कराना शामिल है। एआरटीओ शेर सिंह यादव ने बताया कि एक विशेषज्ञ कमेटी बनाई जा रही है। इसमें पुलिस, प्रशासन, परिवहन, ट्रांसपोर्ट यूनियन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कमेटी एक्सीडेंट कम करने के लिए सुझाव तैयार करने के साथ ही घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने की योजना भी तैयार करेगी। इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकेंगी।
ये बिंदु भी हो सकते हैं शामिल:
- घायलों की सहायता करने वालों को अस्पताल प्रबंधन-पुलिस पूछताछ से छूट देना
- एक्सीडेंट प्वाइंट को दूर करने के लिए रोड इंजीनियरिंग में बदलाव
- एक्सीडेंट एरिया में एंबुलेंस की गश्त कराना
- हाईवे किनारे अस्पताल और उपचार केंद्र तैयार कराना
- घायलों का उपचार करने वाले अस्पतालों को विशेष सहायता देना
- पुलिस और परिवहन विभाग के अफसरों को हर महीने रिपोर्ट तैयार करने को कहना
- एक्सीडेंट जोन में चेतावनी बोर्ड लगवाना
- सामने वाले वाहन के सीधे लाइट इफेक्ट को रोकने की हाईवे पर व्यवस्था कराना
- घायलों की सहायता करने वालों को ब्लड डोनेट करने वालों की तरह कार्ड बनाकर देना