नौकरी में नवीनीकरण के नाम पर पैसे मांगने का आरोप को लेकर बृहस्पतिवार को सैकड़ों एएनएम ने सीएमओ कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। एएनएम का आरोप था कि संविदा के नाम पर हर साल नवीनीकरण के समय उनसे पैसे मांगे जाते हैं।
इस बार भी पहले परीक्षा ली गई और आश्वासन देने के बावजूद अब पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा बीच में नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती है। करीब दो घंटे हंगामा करने के बाद अधिकारियों ने उनका नवीनीकरण करने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद एएनएम वापस लौट गईं।
गौरतलब है कि जनपद की 199 एएनएम की 30 अप्रैल को लिखित परीक्षा ली गई थी। नवीनीकरण के नाम पर परीक्षा लेने की बात आई थी तब सभी एएनएम भड़क गई थीं और परीक्षा देने से इंकार कर दिया था। उस वक्त अधिकारियों ने इन एएनएम को लिखित में आश्वासन दिया था कि परीक्षा के बाद उनकी छंटनी नहीं की जाएगी।
उनका कहना था कि परीक्षा स्किल डेवलपमेंट के लिए परीक्षा ली जा रही है और जिनको जरूरत होगी उनको प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब एएनएम का कहना है कि अधिकारियों द्वारा झूठा आश्वासन दिया गया था और छंटनी का डर दिखाकर उसके नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारी शामिल हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष देवब्रत चौधरी ने कहा कि संविदा पर कार्यरत एएनएम से सबसे अधिक काम करती हैं लेकिन लगातार उनका शोषण किया जाता है।
सभी आरोप बेबुनियाद हैं। परीक्षा ली गई थी परिणाम आने वाले हैं। फेल होने के डर से यह हंगामा किया गया है। पैसे मांगे जाने का आरोप बिल्कुल झूठा है।
- डॉ. अजेय अग्रवाल, सीएमओ, गाजियाबाद