कैला भट्टा में तेजाब डालने से झुलसी गुलिस्तां के परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद से उनके यहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को लखनऊ में भी एक ऐसी वारदात हुई तो वहां अधिकारी ही नहीं, मुख्यमंत्री भी पहुंच गए।
पीड़िता के भाई आरिफ ने बताया कि दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती गुलिस्तां की हालात में कुछ सुधार है। डॉक्टर ने उससे बातचीत की तो उसने बात की। वहीं, आरिफ का आरोप है कि उनके मामले में गाजियाबाद पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस उनकी बहन पर तेजाब डालने के आरोपी को पकड़ नहीं सकी है।
साथ ही उन्होंने बताया कि लखनऊ में भी एक युवती तेजाब डालने से झुलस गई तो उसे देखने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही उसे आर्थिक मदद भी दी गई है, लेकिन एक सप्ताह बाद भी गाजियाबाद का कोई अधिकारी उनके घर जानकारी नहीं पहुंचा।
उन्हें उम्मीद है कि अगर सीएम साहब उनके घर आएंगे तो वह उनकी कुछ आर्थिक मदद भी करेंगे। बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए अंगूठे के निशान लिए आरिफ ने बताया कि शुक्रवार को डीएम कार्यालय की ओर से कुछ लोग अस्पताल में पहुंचे और आईसीयू में भर्ती गुलिस्तां के अंगूठे के निशान लिए गए।
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक कर्मचारियों के मुताबिक सरकार गुलिस्तां का बैंक अकाउंट खुलवाना चाहती है, जिससे उसकी मदद हो सके।