सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। सफाई कर्मियों ने अब कालोनियों में झाड़ू लगाने का काम भी बंद कर दिया है। ऐसे में अब सबसे ज्यादा दिक्कत मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हो रही है।
सफाई न होने और नालियां साफ न होने से रोजेदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब दो दिन सरकारी अवकाश होने के चलते अफसरों और सफाई कर्मचारियों के बीच वार्ता भी नहीं हो सकेगी। यानी दो दिन में हड़ताल खत्म होने की संभावना नजर नहीं है।
250 रुपये प्रतिदिन से वेतन बढ़ाकर 15,300 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग को लेकर नगर निगम सफाई कर्मचारी आठ जून से हड़ताल पर हैं। बृहस्पतिवार को निगम अधिकारियों और हड़ताली कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन विफल रही।
इसके चलते शुक्रवार को भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। महिला कर्मचारियों ने भी कामकाज ठप कर निगम मुख्यालय पर धरना दिया। नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के संरक्षक संजीव पार्चा ने बताया कि शुक्रवार को निगम अधिकारी कर्मचारियों से वार्ता करने नहीं पहुंचे। जब तक उनकी मांगें नहीं मानीं जातीं, तब तक उनका विरोध और हड़ताल जारी रहेगा। कालोनियों में झाड़ू लगाने और नालियों की सफाई का काम नहीं किया जाएगा।
मुस्लिम बहुल क्षेत्र भी बदहाल
निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से मुस्लिम बहुल क्षेत्र कैला भट्ठा, पसौंडा, शहीद नगर समेत अन्य क्षेत्रों में भी बदहाली दिखने लगी है। रोजेदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कैला भट्ठा के पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि रमजान के महीने में हड़ताल कर अधिकारियों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। पार्षदों और महापौर ने पहले ही आश्वासन दे दिया था कि आगामी बोर्ड बैठक में इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। बावजूद इसके हड़ताल कर दबाव बनाया जा रहा है।
मोदीनगर में बेमियादी हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी
उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले में अपनी 16 सूत्रीय मांगों के लिए सफाई कर्मचारी शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल के कारण नगर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए। उधर, ईओ ने हड़ताल को अवैधानिक बताते हुए संघ के अध्यक्ष और हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
संघ के अध्यक्ष महेश कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह सफाई कर्मचारी पालिका के गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान महेश कुमार ने कहा कि गत छह जून को उन्होंने ईओ आरके प्रसाद को 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया था।
नौ जून तक मांगों को पूरा न करने पर 10 जून से बेमियादी हड़ताल चेतावनी दी गई थी। उधर, हड़ताल को अवैधानिक ठहराते हुए ईओ ने संघ अध्यक्ष और हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी वेतन काटने की चेतावनी दी है।