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शहर के 967 परिवारों को आशियाने का इंतजार

Sat, 04 Jun 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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आशियाने का इंतजार - फोटो : अमर उजाला
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डूडा की इंटिग्रेटेड हाउसिंग एंड स्लम डेवलेपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी) आवासीय योजना में सात साल बाद भी 967 परिवारों को आशियाना नहीं मिल पाया। सात साल पहले आवेदन कर लोग अब डूडा और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटकर परेशान है। इन परिवारों को अभी चार से छह महीने का इंतजार और करना पड़ेगा।
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  केंद्र सरकार की आईएचएसडीपी योजना के तहत गाजियाबाद में शहरी गरीबों को महज 15 हजार रुपये में मकान दिया जाना था। वर्ष 2008-09 में शुरू हुई योजना के तहत नोडल विभाग डूडा को विजयनगर (सुदामापुरी), डासना, अर्थला और फरीदनगर में 1936 फ्लैट बनाने हैं।

डूडा ने सुदामापुरी में 802 और अर्थला में 75 मकानों का निर्माण पूरा कर आवंटियों को हैंडओवर कर दिया है, लेकिन बाकी मकानों का निर्माण सात साल बाद भी पूरा नहीं हुआ। इन मकानों का दो बार बजट रिवाइज हो चुका है। पहले बजट की कमी से यह कार्य पूरा नहीं हो सका था।
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बार-बार बदल रही कंप्लीशन की तारीख
पहले यह सभी मकान 2012 तक आवंटित करने का दावा किया गया था। फिर रिवाइज्ड बजट अटका तो 2014 तक डेडलाइन तय की गई। इसके बाद दिसंबर 2015 और अब अप्रैल 2016 में बजट जारी होने के बाद शासन ने 30 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने के आदेश दिए थे।

यह डेडलाइन भी अब बीत चुकी है। सीडीओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि काम पूरा न होने पर मंडलायुक्त ने भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने बताया कि बजट लेट आने की वजह से निर्माणकारी संस्था सीएंडडीएस को निर्माण पूरा करने के लिए 14 जून तक का समय दिया गया है।

15 जून को निर्माण योजनाओं की बैठक जिला मुख्यालय पर बुलाई गई है। हालांकि इस तारीख तक भी निर्माण पूरा हो पाना मुश्किल है।

आंकड़ों में योजना
स्थान           मकान       आवंटन     बजट करोड़ में
विजयनगर     1236       802          28.32
डासना          204        133            5.61
अर्थला          208         26            8.19
फरीदनगर       288          शून्य           10.6

बाकी मकानों का निर्माण कार्यदायी संस्था को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदन फार्म की जांच की जा रही है। जल्द ही बाकी बचे मकानों का आवंटन कर लोगों को चाभी सौंपी जाएगी। - इंद्रसेन सिंह, परियोजना अधिकारी, डूडा
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