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कृष्णानगर में बेचा था लोनी से चोरी हुए बच्चे को

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लखनऊ/गाजियाबाद। लोनी की डाबर तालाब कॉलोनी से 12 मई को चोरी हुए 14 दिन के नवजात को पुलिस ने लखनऊ के कृष्णानगर से शनिवार सुबह बरामद कर लिया। पुलिस ने नवजात को बेचने के मामले में आठ महिलाओं समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी अभी फरार हैं। आरोपियों से पांच लाख रुपये भी बरामद हुए हैं।
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एसपी देहात डॉ. इराज राजा ने शनिवार को बताया कि गुरमीत और असमीत पति-पत्नी हैं। दोनों बच्चा खरीदने व बेचने का गैंग चलाते हैं। दोनों ने इसके लिए ऑनलाइन साइट भी बना रखी है। गैंग के सदस्य बच्चा खरीदने के लिए गरीब दंपती से संपर्क करते हैं। लखनऊ के में रहने वाले आलोक की बहन गर्भवती थी लेकिन उसका गर्भपात हो गया था। इसके बाद से वह परेशान रहने लगी थी। बहन की परेशानी दूर करने के लिए आलोक ने बच्चा खरीदने की ठानी। तभी साइट के जरिए आलोक की गुरमीत और असमीत से जान पहचान हुई। आलोक का इनसे साढ़े पांच लाख रुपये में बच्चा खरीदने का सौदा तय हुआ।
एसपी देहात ने बताया कि गाजियाबाद के विजयनगर में रहने वाले वाहिद और डासना में रहने वाली फर्जी डॉक्टर मोनी उर्फ मोनिका गुरमीत और असमीत के गैंग से जुड़ी हैं। दोनों ने डाबर तालाब कॉलोनी में किराए पर रहने वाले फरियाद और फातिमा से उनके 14 दिन के नवजात को ढाई लाख रुपये में खरीदने के लिए सौदा तय किया था। 12 मई को वाहिद और मोनिका फातिमा के घर पहुंचे। उस समय फातिमा अकेली थी। वाहिद और मोनिका ने फातमा को पैसे दे दिए। फिर बहाने से उसे शिकंजी में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। जब वह होश में आई, तो घर से बच्चा और पैसे गायब थे। फातमा ने अपने पति को सूचना देकर पुलिस को बच्चा चोरी होने की जानकारी दी।
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उन्होंने अज्ञात के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी थी। लेकिन जांच में दंपती द्वारा बच्चा बेचने का मामला सामने आया। फरियाद के बार-बार बयान बदलने से पुलिस को उस पर शक हुआ। बाद में पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो वाहिद का नाम सामने आया। पुलिस ने वाहिद को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मोनिका का नाम सामने आया। पुलिस ने मोनिका को हिरासत में लिया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने बच्चे को दिल्ली निवासी प्रतिभा को बेचा है। पुलिस प्रतिभा तक पहुंची तो पता चला कि उसने दो लाख में बच्चे को दिल्ली निवासी गुरमीत और असमीत को बेच दिया। पुलिस ने गुरमीत और असमीत को पकड़ा। गुरमीत और असमीत ने बताया कि उन्होंने लखनऊ में कृष्णानगर निवासी आलोक को साढ़े पांच लाख रुपये में बच्चे को बेच दिया। जिसके बाद पुलिस लखनऊ पहुंची और बच्चे को बरामद किया।
कोतवाली एसएचओ ओपी सिंह ने बताया कि मोनिका ने फरार आरोपी प्रतिभा, ज्योति, प्रीति समेत अन्य महिलाओं से संपर्क कर करीब डेढ़ लाख रुपये में बच्चे का सौदा कर दिया। प्रतिभा और उसकी साथियों ने भी दिल्ली में रहने वाले दंपती असमीत कौर और गुरमीत को दो लाख रुपये में बेच दिया। गुरमीत और असमीत ने लखनऊ में आलोक को साढ़े पांच लाख रुपये में बच्चे को बेच दिया।
ये हुए गिरफ्तार
पुलिस ने दबिश देकर वाहिद, असमीत कौर, गुरमीत, तस्मीम, रुबिना, प्रीति, सरोज, ज्योति, मोनी उर्फ मोनिका और आलोक अग्निहोत्री को गिरफ्तार किया है। वहीं प्रतिभा, इंदु, शिवा फरार हैं। एसएचओ ने बताया कि बच्चा बेचने के मामले में पुलिस अभी तक इन लोगों तक पहुंची है। इन लोगों के दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में अभी 25 से 30 लोग और सक्रिय हैं। पुलिस उनकी भी पहचान कर रही है।
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