काली कमाई से कुबेर बने यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता समेत फरार चल रहे पांच आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने 82 की कार्रवाई के आदेश कर दिए। इसके तहत यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता समेत पांच आरोपियों के मोहल्ले में डुगडुगी बजाकर फरारी की उद्घोषणा जारी कर सकती है।
सीबीआई सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने यह आदेश जारी किए। इसी मामले के एक आरोपी प्रदीप गर्ग की अर्जी चूंकि हाईकोर्ट में विचाराधीन है, लिहाजा उसे इस आदेश से फिलहाल अलग रखा गया है।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह के अनुसार यादव सिंह प्रकरण में सीबीआई अभी तक पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है। इनमें यादव सिंह के साथ ही रामेंद्र सिंह, जेपी सिंह, विनोद गोयल और देवीराम आर्य शामिल हैं।
उक्त पांचों आरोपी फिलहाल डासना जेल में हैं। इसी मामले के 6 फरार चल रहे आरोपियों में यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता, राजीव कुमार, पंकज जैन, ओमपाल, आरडी शर्मा और प्रदीप गर्ग शामिल हैं।
इन सभी छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने 30 जुलाई को गैर जमानती वारंट जारी किए थे। सीबीआई का कहना है कि इसके बाद से ही सभी आरोपी भूमिगत हो गए हैं। आरोपियों के घर पर कई बार जाने के बाद भी उनका पता नहीं चल सका।
मंगलवार को इस मामले में आरोपियों की पेशी थी। इसी के चलते डासना जेल में बंद यादव सिंह और उनके चारों साथियों को कोर्ट में पेश किया गया, मगर फरार आरोपियों में से कोई भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
इसी के चलते विशेष न्यायाधीश ने सभी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-82 के तहत उद्घोषणा जारी कर दी। कानून के जानकारों का कहना है कि 82 की कार्यवाही कुर्की की कार्यवाही से ठीक पहले की प्रक्रिया है।
अब फरार आरोपियों के मोहल्लों में सीबीआई मुनादी और डुगडुगी बजाकर भी उनके फरार होने की उद्घोषणा कर सकती है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए अब 20 सितंबर की तारीख नियत की है, जबकि फरार आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के लिए 13 अक्तूबर सुबह साढे़ दस बजे तक पेश होने का आदेश जारी किया है।