गाजियाबाद। जीएसटी रिटर्न में गडबडी होने का भय दिखाकर सीजीएसटी कार्यालय में तैनात निरीक्षक ने स्क्रैप कारोबारी से 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बुधवार शाम केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) टीम ने कारोबारी से रिश्वत लेने के दौरान निरीक्षक बीपी सिंह की कार को घेर लिया। टीम को देखते ही निरीक्षक ने कार दौड़ा दी और कई वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। कार्यालय से करीब दो किमी दूर निरीक्षक टीम के हत्थे चढ़ा। बृहस्पतिवार को टीम ने आरोपी को सीबीआई कोर्ट में पेश किया।
डासना निवासी रहीसूद्दीन की बुलंदशहर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्रिंस बैटरी एवं एलेयज के नाम से फर्म है। रहीसूद्दीन ने हापुड़ चुंगी स्थित सीजीएसटी कार्यालय में तैनात निरीक्षक बीपी सिंह की शिकायत सीबीआई में दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार बीपी सिंह ने मार्च माह में व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि उनकी फर्म के जीएसटी रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट में गड़बड़ी है। जिसे ठीक करने के लिए स्क्रैप कारोबारी से 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
निरीक्षक ने रहीसूद्दीन को बुधवार शाम करीब साढे पांच बजे कार्यालय के बाहर दो लाख रुपये लेकर आने को कहा। सीबीआई की टीम ने निरीक्षक को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। निरीक्षक बीपी सिंह कार्यालय के बाहर कार में सवार होकर पहुंचे और रहीसुद्दीन को अंदर बुला लिया। जैसे ही रहीसूद्दीन दो लाख रुपये की रिश्वत के साथ कार में सवार हुए, इसी दौरान टीम ने निरीक्षक की कार को घेर लिया। टीम को देखते ही निरीक्षक ने रहीसूद्दीन को बाहर धकेला और कार सड़क पर दौड़ा दी। इस दौरान निरीक्षक ने कई वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब दो किमी दूर टीम ने निरीक्षक को घेरकर गिरफ्तार कर लिया। निरीक्षक से रिश्वत के दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बृहस्पतिवार को टीम ने निरीक्षक बीपी सिंह को सीबीआई कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
कारोबारी को एसएम-10 का नोटिस भेजा
स्क्रैप कारोबारी रहीसूद्दीन ने बताया कि रिश्वत देने का विरोध करने पर सीजीएसटी निरीक्षक ने उन्हें एसएम-10 का नोटिस भेजा। साथ ही जेल भेजने की धमकी दी। डरा-धमकाकर पीड़ित से रिश्वत मांगी गई। कारोबारी ने बताया कि उन्होंने कई बार निरीक्षक से जीएसटी रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट में हुई गड़बड़ी को दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन वह 11 लाख रुपये की रिश्वत देने का लगातार दबाव बनाता रहा।
पार्किंग लाइट का इशारा मिलते ही दौड़ी टीम
सीबीआई की टीम ने रहीसूद्दीन को बताया कि जैसे ही सीजीएसटी निरीक्षक रिश्वत लेने के लिए अपने कार्यालय से बाहर आए तो वह अपनी कार की पार्किंग लाइट जला दें। जिससे टीम निरीक्षक को पहचान सकें। बताया कि निरीक्षक ने कॉल पर हिदायत दी थी कि सभी कर्मचारी और अधिकारियों के जाने के बाद ही वह कार्यालय के बाहर पहुंचे ताकि किसी को शक न हो।