एटीएम हैक कर 30 करोड़ चुराने वाला गैंग बेनकाब
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नोएडा क्राइम ब्रांच ने एटीएम हैक कर कैश चुराने वाले जिन आरोपियों को 20 लाख रुपये और क्रेटा कार लेकर छोड़ा, उन्हें गाजियाबाद की सीमा में आकर पकड़ा था। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान नोएडा के डीसीपी क्राइम को यह बात बताई। साथ ही यह भी बताया कि क्राइम ब्रांच ने उन्हें एक रात नोएडा में रखा और अगले दिन दिल्ली के सीमावर्ती भोपुरा में रिश्वत लेकर छोड़ा था।
सोमवार को गाजियाबाद पुलिस ने 12 साल में आठ राज्यों के 250 एटीएम हैक कर करीब 30 करोड़ रुपये चुराने वाले गैंग के पांच सदस्यों को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि अगस्त में नोएडा क्राइम ब्रांच ने भी उन्हें पकड़ा था, लेकिन उन्हें रिश्वत लेकर छोड़ दिया।
मामला उजागर होते ही नोएडा पुलिस की प्रदेशभर में किरकिरी हुई तो पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी क्राइम को जांच सौंपी थी। मंगलवार को डीसीपी क्राइम इंदिरापुरम थाने पहुंचे थे। हैकर्स कोई कहानी तो नहीं बना रहे, इसकी पुष्टि के लिए हैकर्स को नोएडा क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों के फोटो दिखाए गए।
इनमें से इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव समेत तीन पुलिसकर्मियों को पहचाना था। इसी शिनाख्त परेड के आधार पर डीसीपी क्राइम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए नोएडा पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर व सिपाही को बर्खास्त करते हुए क्राइम ब्रांच को भंग कर दिया था।