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Ghaziabad News: आग से बचाव के इंतजाम न होने पर 14 सोसायटियों पर वाद दायर

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गुलमोहर गार्डन में फायर उपकरणों की जांच करते दमकलकर्मी । संवाद
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साहिबबााद। जिले की 14 सोसायटियों के खिलाफ अग्निशमन विभाग की ओर से न्यायालय में वाद दायर कराया गया है। इससे पहले 34 सोसायटियों में आग के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण वाद दायर कराया जा चुका है। दूसरे शब्दों में कहें तो जिले की 52 सोसायटियों के लोग जोखिम भरी स्थिति में रह रहे हैं।

दरअसल, बिल्डर सोसायटी बनाकर उसकी एनओसी लेकर ही निवासियों को फ्लैटों पर कब्जा देता है। शुरुआती दौर में बिल्डर सही उपकरण लगाकर छोटे एरिया की एनओसी ले लेता है। बाकी सोसायटी में खानापूर्ति करके लोगों को पजेशन दे देता है।
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सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि आग की घटनाओं के बाद सोसायटियों की जांच का अभियान चलाया तो सामने आया कि यूपी अग्निशमन और आपात सेवा अधिनियम-2022 के मानकों पर सोसायटी खरी नहीं उतर रहीं। दमकल विभाग ने कई बार नोटिस दिए, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया।

कुछ सोसायटियों में अग्निशमन यंत्र थे, लेकिन आधे-अधूरे और मानकों के विपरीत मिले। कुछ सोसायटियों में दमकल उपकरण ही नहीं मिले। नोटिस के बावजूद आरडब्ल्यूए व बिल्डर ने व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की। इस वजह से 14 सोसायटियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया गया है।

इन सोसायटियों के खिलाफ

दायर हुए वाद :
पिनाकल टावर सोसायटी अहिंसा खंड-2 इंदिरापुरम, अंतरिक्ष ग्रीन अपार्टमेंट कौशांबी, आदित्य मेगा सिटी वैभव खंड इंदिरापुरम, हिमगिरि टावर कौशांबी, नीलगिरी टावर कौशांबी, शिप्रा रिवेरा टावर इंदिरापुरम, नीलकंठ टावर कौशांबी का नाम शामिल है।

इसके अलावा एचआरसी प्रोफेशनल वैभव खंड इंदिरापुरम, महालक्ष्मी टावर सेक्टर-14 कौशांबी, निहो स्कोटिश गार्डन अहिसां खंड-2 इंदिरापुरम, रॉयल टावर शिप्रा सन सिटी इंदिरापुरम, आम्रपाली विलेज सोसायटी न्याय खंड-2 इंदिरापुरम, सुपरटेक आईकॉन सोसायटी न्याय खंड-1 इंदिरापुरम और पचंशील बिल्डटेक प्रा.लि.सेक्टर-3 वैशाली आदि के नाम भी शामिल हैं।
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गुलमोहर गार्डन को फायर सेफ्टी में चूक पर नोटिस

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित गुलमोहर गार्डन सोसायटी को फायर फाइटिंग सिस्टम में खामी मिलने पर अग्निशमन विभाग ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। निवासियों की शिकायत पर विभाग की टीम ने सोसायटी का निरीक्षण किया। जांच में पानी की व्यवस्था और अलार्म सिस्टम संतोषजनक पाए गए। फायर इंस्पेक्टर शेषनाथ यादव ने बताया कि हौजरील की नोजल टूटी हुई मिली और ब्रॉस पाइप उपलब्ध नहीं थे। ब्रॉस पाइप पानी के प्रेशर और धारा को नियंत्रित करने के लिए जरूरी होते हैं। 22 नंबर टावर की फायर एनओसी भी नहीं मिली। हालांकि उस टावर में अभी लोग रहना शुरू नहीं किए हैं। विभाग एक सप्ताह बाद फिर जांच करेगा। चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल ने कहा कि आए दिन आग की घटनाओं के बावजूद कई आरडब्ल्यूए और एओए लापरवाही बरत रहे हैं। अब ऐसे मामलों में सीधे केस दर्ज किए जा रहे हैं।
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