मतदान खत्म होने के साथ ही राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को भी रोज-रोज की भागदौड़ भरी जिंदगी से राहत मिली। पिछले कुछ दिनों से सुबह जल्दी जागने वाले प्रत्याशी रविवार को देर तक सोए। ज्यादातर प्रत्याशियों ने अपने रविवार का दिन अपने परिवार के साथ ही बिताया।
किसी ने अपनी पसंद की सब्जी बनवाकर खाई तो किसी ने परिवार और साथियों के साथ मूवी देखी। कुछ ऐसे भी रहे जोकि रविवार को भी सुबह से ही कार्यकर्ताओं से घिरे रहे।
अतुल गर्ग ने शादी की सालगिरह की दी छोटी सी पार्टी
गाजियाबाद विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग रविवार सुबह बडे़ ही तरोताजा नजर आए। दरअसल रविवार को ही उनकी शादी की सालगिरह भी थी। ऐसे में परिवार के सदस्यों ने छोटी सी पार्टी भी रखी थी। अतुल गर्ग ने बताया कि शनिवार रात को वह 9 बजे घर आ गए थे।
करीब एक घंटे पत्नी, बेटे, बेटी और बहुओं से बात करने के बाद वह सोने चले गए। रविवार सुबह करीब दस बजे तक सोए। इसके बाद शादी की सालगिरह वाली पार्टी में भाग लिया। शाम को डेरा सच्चा सौदा वाले अपने साथियों और परिवार के साथ उन्होंने लॉयन हार्ट-2 मूवी देखी।
अतुल ने बताया कि इसके लिए डेरा सच्चा सौदा वाले साथियों की ओर से ही पूरा सिनेमा हाल बुक कराया गया था।
सुरेश बंसल ने कार्यकर्ताओं से ली बूथ की रिपोर्ट
शहर विधानसभा सीट से बसपा के प्रत्याशी रहे सुरेश बंसल भी शनिवार रात करीब 9 बजे अपने घर पहुंच गए थे। इससे पहले उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ की रिपोर्ट ली। सुरेश बंसल ने बताया कि उनकी आदत सवेरे ही उठने की है। इसी के चलते रविवार को भी वह सुबह 6 बजे ही उठ गए।
इसके बाद परिजनों से बात की और पत्नी से आलू टमाटर की सब्जी खाने की इच्छा जताई। सुरेश बंसल ने बताया कि आलू टमाटर उनकी सबसे पसंदीदा सब्जी है। पिछले कई दिनों से घर का खाना ही नसीब नहीं हो रहा था। रविवार को दोपहर तक परिवार के साथ रहे।
इसके बाद अंबेडकर रोड स्थित अपने चुनाव कार्यालय पर लगे टेंट और कुर्सी आदि को हटवाने चले गए। शाम को उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न बूथों पर हुए मतदान के बारे में मंथन किया।
केके शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ की नतीजों पर चर्चा
कई दिनों की भागदौड़ के बाद गाजियाबाद से कांग्रेस-सपा गठबंधन प्रत्याशी केके शर्मा रिलैक्स दिखाई दिए। 15 दिनों के बाद उनकी दोनों पोती सिवी शर्मा और आसनी शर्मा का दादू से मिलने का इंतजार खत्म हुआ। जनसंपर्क अभियान थमने और चुनाव होने के बाद उन्होंने कई दिनों बाद नींद पूरी की। वह सुबह 9.30 बजे उठे।
फिर कई दिनों बाद मां कमला शर्मा, पत्नी मंजू शर्मा, बेटी शुभांगी शर्मा, बड़े बेटे अनंत शर्मा, पुत्रवधू कामिनी शर्मा के साथ नाश्ता किया। फिर घर पर ही लोगों का आना शुरू हो गया। दोपहर तीन बजे तक लोगों से मिलने और चुनाव के नतीजों पर चर्चा होती रही।
तब जाकर उन्होंने 3.30 बजे खाना खाया। चुनाव कार्यालय पर समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भी शाम को उन्होंने मुलाकात की।
कार्यकर्ताओं से घिरे रहे सुरेंद्र प्रकाश गोयल
मुरादनगर से कांग्रेस-सपा गठबंधन प्रत्याशी पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल भी सुबह आराम से उठे। रोजाना सुबह 5.30 बजे शुरू होने वाली उनकी दिनचर्या, रविवार को सुबह नौ बजे से शुरू हुई। स्नान और पूजन के बाद उन्होंने परिजनों के साथ नाश्ता किया। उन्होंने अपनी पोतियों के साथ वक्त बिताया।
इसके बाद घर पर कार्यकर्ताओं का आना शुरू हो गया। दोपहर तक कार्यकर्ताओं और लोगों से मिलने का दौर जारी रहा। फिर मुख्य चुनाव कार्यालय पर भी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। वहां मतदान को लेकर कयासों का दौर चला। इसके बाद मोरटा में एक अरिष्टी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सुधन रावत ने भी कार्यकर्ताओं से जाना चुनावी हाल
मुरादनगर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी सुधन रावत भी शनिवार को जल्द ही अपने घर पहुंच गए थे। सुधन ने बताया कि मतदान समाप्त होने के बाद वह अपने चुनाव कार्यालय पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर दिन भर की स्थिति की जानकारी ली। रात करीब साढे़ 9 बजे घर पहुंचे और परिवार के साथ खाना खाने के बाद सोने चले गए।
सुबह छह बजे सोकर उठे और चाय के साथ हलका नाश्ता लिया। सुधन ने बताया कि सुबह से ही कार्यकर्ता घर पर आने शुरू हो गए थे। दोपहर तक उन्हीं के साथ व्यस्त रहे। दोपहर के खाने के बाद थोड़ा आराम किया और शाम को एक परिचित के यहां होने वाले शादी समारोह में परिवार संग शिरकत की।
अजयपाल प्रमुख ने परिवार के साथ बिताया दिन
मुरादनगर से रालोद प्रत्याशी अजय पाल प्रमुख रविवार को सुबह आठ बजे सोकर उठे। इस बीच कार्यकर्ता और समर्थक आ गए, जिनसे चुनाव पर चर्चा हुई। अजय पाल ने बताया कि जाट-मुस्लिम गठबंधन इस बार चुनाव में रहा है और रालोद को अच्छी वोट मिली है। दोपहर तक कार्यकर्ताओं से बातचीत की और फिर दोपहर को घर का बना खाना खाया।
अजयपाल प्रमुख ने बताया कि चुनाव के दौरान होने वाले जनसंपर्कों और सभाओं केचलते उनकी पूरी दिनचर्या ही बदल गई थी। रविवार को थोड़ा आराम मिला और पूरा दिन परिवार के साथ ही बिताया।
मंजू शिवाच ने बेटी संग की शॉपिंग की
मोदीनगर से भाजपा प्रत्याशी डा. मंजू शिवाच रविवार सुबह 7:30 बजे सोकर उठी। इस बीच बधाई देने वाले लोग आ गए और अच्छी वोट मिलने पर प्रत्याशी को बधाई दी। इसके बाद प्रत्याशी एक सगाई समारोह में शिरकत करने पहुंची। डा. शिवाच ने बताया कि पिछले 15 दिन से वह अपनी बेटी वृंदा को वक्त नहीं दे पा रही थीं।
रविवार को भी दोपहर तक वक्त नहीं मिलने के कारण बेटी गुस्सा हो गई। इसके चलते शाम के समय बेटी को लेकर थोड़ी शॉपिंग करने भी गईं।
रामआसरे शर्मा ने चुनावी नतीजों पर की चर्चा
मोदीनगर से सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी रामआसरे शर्मा के घर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सुबह से ही आना-जाना शुरू हो गया। चुनावी आंकडे़, प्रदेश में चुनाव किस करवट बैठेगा इन्हीं पर चर्चाओं के साथ दोपहर के 12 बजे गए। इसके बाद नाश्ता किया गया।
नगर पालिका परिषद की ओर से चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई और भविष्य में क्षेत्र में क्या-क्या विकास कार्य होने चाहिए, समर्थकों से बातचीत की गई। शाम का वक्त परिवार के लिए निकाला है।
वहाब चौधरी ने समर्थकों से की चर्चा
मोदीनगर से बसपा विधायक वहाब चौधरी ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बैठक कर मतदान को लेकर चर्चा की और बसपा को मिलने वाली वोट के आंकडे़ जोड़े। दोपहर तीन बजे तक स्थानीय चुनाव चर्चा के बाद प्रदेश में सरकार को लेकर चर्चा हुई।
फोन पर आला नेताओं से बातचीत की गई। चुुनावी हिसाब किताब जोड़ा गया। समर्थकों को जीत का भरोसा दिलाया गया।
अमरपाल शर्मा ने परिवार को दिया समय
साहिबाबाद से सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी अमरपाल शर्मा सुबह समय पर उठे लेकिन फ्रेश होने के बाद फिर सो गए। करीब नौ बजे फिर उठे। दोपहर में बेटे और बेटी के साथ समय बिताया। उनके साथ लंच किया और फिर थकान मिटाने के लिए थोड़ी देर सो लिए। शाम में परिवार के साथ ही रहे।
उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान करीब दो सप्प्ताह से शेड्यूल काफी बिजी हो गया था। दस दिन से केवल चार से पांच घंटे की नींद ले रहा था। ऐसे में दिमाग को आराम देने के लिए ज्यादा देर सोए।
सुनील शर्मा ने कार्यालय पर कार्यकर्ताओं से की मुलाकात
साहिबाबाद से भाजपा प्रत्याशी सुनील शर्मा भी रविवार को सुबह 8 बजे सोकर उठे। इसके बाद तैयार होकर सीधे कार्यकर्ताओं के बीच चुनाव कार्यालय पहुंच गए। वहां लोगों के साथ बैठकर चर्चा की। फिर पूरे दिन वहीं समय बिताया और करीब शाम 5 बजे घर पहुंचे। शाम से वे अपने घर परिवारवालों के साथ रहे।
उन्होंने बताया कि सुबह ही नींद खुल गई और फिर लोगों के फोन आने लगे तो घर से सीधे कार्यालय ही चले गए थे। हालांकि कार्यालय में भी रिलेक्स मूड में रहे तो काफी राहत मिली।