शक्ति खंड तीन में रहने वाली एक सीए की छठी कक्षा में पढ़ने वाली बेटी सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। इस मामले में पुलिस के कार्रवाई न करने से नाराज परिजनों ने स्थानीय लोगों के साथ रात को थाना इंदिरापुरम में हंगामा किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी के कार्रवाई के आश्वासन लोग शांत हुए।
शक्ति खंड तीन निवासी सुभाष यादव नोएडा की एक निजी कंपनी में सीए हैं। उनकी 12 वर्षीय बेटी नोएडा के वीपीएस स्कूल में पढ़ती है। सोमवार दोपहर उनकी पत्नी बेटी आर्ची को बस स्टॉप से लेकर घर पहुंचीं। वह आर्ची को घर छोड़कर बड़ी बेटी को बस स्टॉप लेने चली गईं।
10-15 मिनट बाद लौटीं तो देखा कि घर की चाभी बाहर सीढ़ियों पर पड़ी थी और बच्ची गायब थी। उन्होंने तुरंत मामले की जानकारी पति को दी और बेटी को ढूंढने का प्रयास किया। नहीं मिलने पर परिजनों ने दोपहर में थाना इंदिरापुरम में गुमशुुदगी दर्ज कराई।
पुलिस द्वारा बच्ची को ढूंढने का प्रयास नहीं करने से नाराज परिजन आस पड़ोस के लोगों के साथ रात करीब साढ़े आठ बजे थाना इंदिरापुरम पहुंचे। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
सीओ इंदिरापुरम अनिल यादव ने लोगों को काफी समझाया, लेकिन वे नहीं माने और हंगामा करते रहे। बाद में मौके पर पहुंचे एसपी सिटी सलमान ताज ने लोगों को समझाया और जल्द ही लड़की को ढूंढने का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए।
इस दौरान साहिबाबाद विधानसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी सुनील शर्मा भी थाना इंदिरापुरम पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात की और पुलिस से जल्द बच्ची को ढूंढने का अनुरोध किया। एसपी सिटी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही बच्ची को ढूंढ लिया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज में अकेली भागती हुई दिखी बच्ची
पुलिस ने घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में बच्ची भागती हुई दिखाई दे रही है। जिस वक्त बच्ची जा रही है, उस वक्त दोपहर के करीब तीन बजे थे। पुलिस ने गृह मंत्रालय की गुमशुदगी से संबंधित साइट पर भी बच्ची की फोटो और जानकारी डाल दी है।
परिजनों का आरोप, पुलिस कर रही लापरवाही
परिजनों का कहना है कि घर में एयरटेल का लैंडलाइन फोन लगा है। पुलिस से फोन की कॉल डिटेल निकालने की मांग की गई थी, जिससे पता चल सके कि लड़की के घर से जाने से पहले किसी का फोन तो नहीं आया था। साथ ही पुलिस ने आसपास बनी झुग्गियों में भी बच्ची की तलाश नहीं की है। न ही चेकिंग की है। पुलिस ने बच्ची को ढूंढने के ठोस प्रयास नहीं किए हैं।