राज्य जीएसटी विभाग के मोहननगर स्थित कार्यालय में शुक्रवार शाम एक व्यापारी ने हाई वोल्टेज ड्रामा कर दिया। व्यापारी ने विभाग के अधिकारी पर दो लाख रुपये जुर्माना लगाने का डर दिखाकर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया और कार्यालय में ही कपड़े उतारकर हंगामा कर दिया। वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि व्यापारी के वाहन की जांच के दौरान ई-वे बिल की मियाद खत्म पाई गई। व्यापारी ने विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए इतना बड़ा ड्रामा कर डाला।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह 6.15 बजे विभाग की सात नंबर सचल दल इकाई ने मोहननगर में चेकिंग के दौरान एक वाहन को रोका था। वाहन में ले जाए जा रहे माल से संबंधित ई-वे बिल की मियाद खत्म हो चुकी थी। दिल्ली रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित अरिहंत आयरन एंड स्टील इंडस्ट्री से माल गाजियाबाद के मुकुंद नगर ले जाया जा रहा था। डिलीवरी चालान में 10.250 मिट्रिक टन ब्राइट बार उल्लेखित था, लेकिन चालान के साथ कोई कांटा पर्ची नहीं लगी थी।दबाव बनाने के लिए किया हंगामा
राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि संबंधित व्यापारी ने सचल दल अधिकारी व अन्य अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए हंगामा किया था। व्यापारी ने आवेश में आकर अपने कपड़े उतार दिए। साथ आए व्यापारियों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसका गलत उद्देश्य के लिए प्रयोग किया गया। जांच के दौरान वाहन में लदे माल का वजन 170 किलोग्राम अधिक पाया गया। 118 प्रतिशत की दर से अर्थदंड आरोपित करते हुए व्यापारी को नोटिस जारी किया गया। व्यापारी ने वाहन चालक की गलती बताते हुए 10532 रुपये जमा भी कराए हैं, जिसके बाद शुक्रवार रात करीब 10 बजे वाहन को अवमुक्त किया गया।