मोदीनगर। निवाड़ी के कस्बा पतला में बृहस्पतिवार रात वृद्ध सीताराम ने आंगन में सो रहे 55 वर्षीय पड़ोसी नेपाल सिंह पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसे नेपाल सिंह को मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, शुक्रवार सुबह 75 वर्षीय सीताराम का शव घर से छह सौ मीटर दूर पड़ा मिला। सीताराम और नेपाल सिंह घनिष्ठ मित्र थे। दो माह पूर्व घोड़ी की पूंछ में आग लगने के कारण मनमुटाव हो गया था। सूचना के बाद डीसीपी ग्रामीण जोन विवेक यादव और एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
नेपाल सिंह पत्नी सरोज, पुत्र नितिन, राहुल और पुत्री कोमल के साथ रहते हैं। पुत्र राहुल रोडवेज में परिचालक है और कोमल की शादी हो चुकी है। नेपाल सिंह अपने दूसरे पुत्र नितिन के साथ शादी विवाह में घोड़ा बग्गी चलाने का काम करते हैं। पड़ोस में ही 75 वर्षीय सीताराम अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनके दो पुत्र लोनी में रहते जबकि एक पुत्र गुरुग्राम में किराने की दुकान करते हैं। सीताराम व नेपाल सिंह के बीच दोस्ती थी। अधिकांश समय दोनों एक साथ रहते थे। नेपाल सिंह का घेर और सीताराम का घर एक साथ मिला हुआ है। दोनों के बीच में कोई दीवार नहीं है। नेपाल सिंह के पुत्र राहुल ने बताया कि बृहस्पतिवार रात पिता नेपाल सिंह, पड़ोसी सीताराम और एक अन्य पड़ोसी आंगन में एक साथ ही सो रहे थे। नेपाल सिंह चारपाई पर मच्छरदानी लगाकर सो रहे थे। आरोप है कि रात करीब 11.30 बजे सीताराम ने मच्छरदानी हटाकर नेपाल सिंह के ऊपर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी। पलभर में ही आग ने विकराल रूप ले लिया। सीतराम भी आग की चपेट में आ गया। चीख सुनकर पास में सो रहा कालू भी जाग गया। कालू ने शोर मचाया तो पास में ही सो रहे अनिल भी जाग गया। दोनों ने बाल्टी आदि से आग बुझाने का प्रयास किया। मगर सीताराम यह कहते हुए जंगल की ओर भाग गए कि आज मैंने नेपाल और अपना नाश कर लिया है।
लोगों ने पानी डालकर किसी तरह नेपाल की आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसे नेपाल सिंह को मोदीनगर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। वहां नेपाल सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार नेपाल सिंह 80 फीसदी झुलस गए है। उधर शुक्रवार सुबह सीताराम का शव घर से छह सौ मीटर दूर मैदान में पड़ा मिला। सीताराम की मौत को लेकर कस्बे में तरह तरह की चर्चा है। कस्बा वासियों का कहना है कि आग लगाने के बाद सीताराम ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर खुदकुशी की है। कोई पीट-पीट कर हत्या करने की बात कह रहा है।
दो माह पूर्व घोड़ी की पूंछ में आग लगने पर हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार दो माह पूर्व सीताराम की पत्नी कपड़े जला रही थी। तभी कपड़े की आग से नेपाल की घाेड़ी की पूंछ जल गई थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था, मगर तब लोगों ने मामला शांत करा दिया था। कुछ दिन पूर्व घर की दीवार की ईंट हटाने का लेकर भी विवाद हुआ था।
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दो माह पूर्व नेपाल की घोड़ी की पूंछ में आग लग गई थी। तब दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। बृहस्पतिवार रात सीताराम ने नेपाल के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। नेपाल को उपचार के लिए मेरठ भर्ती कराया गया है। झुलसने के कारण सीताराम की भी मौत हो गई। सीताराम का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नेपाल सिंह के पुत्र राहुल ने सीताराम के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
- विवेक चंद्र यादव, डीसीपी ग्रामीण गाजियाबाद