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Ghaziabad News: ममेरे भाई ने 20 लाख के गहने चुराए, दोस्त ने गिरवी रखकर लिया तीन लाख का ऋण

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कौशांबी। वैशाली के संत ज्वैलर्स में सराफ के ममेरे भाई ने दोस्तों संग 20 लाख के गहने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया। जांच में आया कि ममेरा भाई एक दोस्त के साथ छह जून को जमानत तुड़वाकर बुलंदशहर की जेल में चला गया। पुलिस को दोनों से पीली धातु की दस चूड़ी, एक कड़ा, चार अंगूठी, तीन जोड़ी कानों के टॉप्स, तीन गले के हार, एक पेंडेंट, आठ हजार रुपये, एक रसीद बुलंदशहर के बैंक की और भोपाल के सराफ की रसीद बरामद हुई है।
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एसीपी इंदिरापुरम कार्यवाहक रितेश त्रिपाठी ने बताया कि मोेहित पुत्र कृष्ण निवासी शेरपुर गुलावठी बुलंदशहर, सत्यम पुत्र अशोक सरन उर्फ अशोक वर्मा निवासी वरुण अपार्टमेंट बुलंदशहर को कौशांबी से गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ में वैशाली के संत ज्वैलर्स की दुकान में चोरी को कबूल किया। सराफ हिमांशु वर्मा ने दुकान पर अपने ममेरे भाई अमित वर्मा पुत्र दीपक वर्मा निवासी स्याना अड्डा बुलंदशहर को 20 हजार रुपये प्रति वेतन पर रखा हुआ था। 28 मई की देर रात अमित ने अपने साथियों के साथ सराफ की दुकान से करीब 20 लाख के गहने चोरी कर लिए थे। अगले दिन सराफ दुकान पर पहुंचे तो गहने गायब थे। ऊपर कमरे में अमित भी नहीं था। शक होने पर उसे फोन किया तो संपर्क नहीं हुआ। जांच में पता चला कि अमित ने ही अपने दोस्त मोहित, सत्यम और शिवम के साथ घटना की थी। चोरी के बाद चारों भागकर बुलंदशहर पहुंच गए।
शिवम और मोहित दोनों सगे भाई हैं। चारों ने चोरी के गहनों का बंटवारा कर लिया था। इसके बाद शिवम ने दो जून को बुलंदशहर के एक बैंक में चोरी के गहने गिरवी रखकर तीन लाख का लोन ले लिया। इन रुपयों से चारों ने मौज मस्ती की। फिर छह जून को मुख्य आरोपी अमित वर्मा और शिवम अपने पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर बुलंदशहर की जेल में बंद हो गए। इनके बाद मोहित और सत्यम बाकी गहनों को बेचने दिल्ली जा रहे थेेे।
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सराफ ने नहीं कराया था ममेरे भाई का पुलिस सत्यापन :
पुलिस का कहना है कि सराफ हिमांशु वर्मा ने ममेरे भाई का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। इसका खामियाजा उन्हेें दुकान में 20 लाचा के गहने चोरी से भुगतना पड़ा है। एसीपी ने सभी सराफ से अपने कर्मचारी और स्टाफ का पुलिस सत्यापन कराने की अपील की है।
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