मोदीनगर। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की टीम ने जोन-दो में मोदीनगर स्थित गांव फफराना क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 26 बीघा कृषि भूमि पर अवैध रूप से विकसित की जा रही तीन कॉलोनियों में मंगलवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से कोलोनाइजरों में हड़कंप मचा हुआ है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के आदेश पर प्रवर्तन जोन-दो की टीम पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ गांव फफराना क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों पर पहुंची। जोन-दो के प्रभारी ने बताया कि फफराना में रिछपाल सिंह और रणवीर सिंह द्वारा खसरा नंबर 379 और 380 में करीब आठ हजार वर्ग मीटर में अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसके अलावा रविकरण और राजेंद्र द्वारा खसरा नंबर 354 में करीब दस हजार वर्ग मीटर में अवैध कालोनी विकसित की जा रही थी। फफराना रोड की ही श्याम सिटी का एक्सटेंशन कर रणवीर सिंह और दिनेश के द्वारा आठ हजार वर्ग मीटर में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। तीनों स्थान के संबंध में कोई भी मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। तीनों कॉलोनी में विकसित की गई सड़कें, बाउंड्री वॉल तथा साइट ऑफिस को ध्वस्त कर दिया गया। टीम का वहां मौजूद कॉलोनाइजरों ने विरोध भी किया लेकिन पुलिस बल के सामने किसी की एक न चली।
जोन-प्रभारी का कहना है कि क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान लगातार जारी रहेगा। फफराना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। लोग मंगलवार को की गई कार्रवाई को खानापूर्ति बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में 10 से ज्यादा अधिक स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृत कॉलोनियां काटी जा रही हैं मगर टीम ने मात्र तीन कॉलोनियों पर ही कार्रवाई की।