औरंगाबाद/खानपुर के गांव परवाना में पिछले एक माह के भीतर दो दर्जन से अधिक ग्रामीण अज्ञात बीमारी से काल के गाल में समा चुके हैं। मामला मीडिया में प्रकाशित होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा गया। पिछले तीन दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में रहकर ग्रामीणों की कोरोना जांच कर रही है। ताकि गांव में हुई मौतों की सच्चाई का पता चल सके।
शनिवार को एक साथ 41 से अधिक लोगों की कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट आते ही एसडीएम स्याना सुभाष सिंह, इंस्पेक्टर खानपुर नरेश शर्मा परवाना गांव पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान के साथ गांव के गणमान्य लोगों को मौके पर बुला लिया और पूरे गांव को कंटेनमेंट जोन के तहत तीन मुख्य स्थानों पर बेरिकेडिंग कराकर सील करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि परवाना गांव बड़ा गांव है। ऐसे में ग्रामीण टेस्टिंग के लिये खुद जागरूक हो।
ग्रामीणों से बाहर न निकलने की अपील की है। उन्होंने इंस्पेक्टर खानपुर को मास्क का पालन कराने के सख्त निर्देश दिये। बाद में एसडीएम गांव के शमशान स्थल पर पहुंचे। ग्राम प्रधान ने बताया की इस दौरान एसडीएम को शमशान स्थल के अंदर 32 चिताएं मिली। जो 45 दिन के भीतर हुई मौतों की थी। एसडीएम स्याना सुभाष सिंह ने बताया कि कंटेंनमेंट जोन के तहत पूरे गांव को सील किया जा रहा है। बाहर से आने जाने वालों पर रोक लगाई गई है। एक दिन में 41 लोग गांव में कोरोना संक्रमित मिले हैं।
इन क्षेत्रों में मिले है संक्रमित
क्षेत्र का नाम संक्रमित की संख्या
अनूपशहर 186
बीबीनगर 130
लखावटी 117
पहासू 100
बुलंदशहर ब्लॉक 86
ऊंचागांव 73
दानपुर 65
अरनियां 62
धरपा 33
तौली 21
अगौता 06
मालागढ़ 03
मुनी 02
कुल 884
नोट: यह आंकड़े एक मई से सात मई तक के हैं।
गांव-गांव में कोरोना जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा हैं। जहां-जहां बुखार से मौत की सूचना मिल रही हैं। वहां पर टीम को भेजकर जांच कराई जा रही हैं। लोगों से अपील है कि बुखार को हल्के में न लें और पंजीकृत चिकित्सक से इलाज कराए।- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ