साहिबाबाद। पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोपों के बाद बसपा से निष्कासित विधायक अमरपाल शर्मा ने मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन कर ली। इससे पहले राजेंद्र नगर कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर आठ करोड़ रुपये में विधानसभा टिकट बेचने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि रुपये नहीं देने पर ही उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया है। इस बीच देर शाम अमरपाल ने कहा कि वह कांग्रेस के टिकट पर साहिबाबाद से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन माह पहले उनसे विधानसभा टिकट के बदले आठ करोड़ रुपये मांगे गए थे।
उन्होंने रुपये देने से इंकार किया तो उनका टिकट काट दिया गया था। हालांकि बाद में उनसे पांच करोड़ रुपये की मांग की गई और टिकट दिया गया मगर वह रुपये देने के लिए लगातार आला कमान को टालते रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी उनके साथ रुपयों की डील कर रहे थे।
जब उन्होंने रुपये देने से इंकार किया तो उनका टिकट काट दिया गया। प्रेस कांफ्रेंस के तुरंत बाद अमरपाल दिल्ली कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद अमरपाल शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता के रूप में बिना किसी शर्त पार्टी ज्वाइन की है। उन्होंने देर शाम कहा कि कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ूंगा और सभी को साथ लेकर चलूंगा। प्रदेश में कांग्रेस-सपा गठबंधन की सरकार आएगी। दो दिन बाद वह अपना नामांकन करेंगे। उधर, कांग्रेस ने अभी प्रत्याशियों की लिस्ट जारी नहीं की है। हालांकि साहिबाबाद सीट से अमरपाल को टिकट मिलना तय माना जा रहा है।
बसपा जिलाध्यक्ष बोले, पिछले पांच साल में क्यों नहीं लगाए आरोप
उधर, जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती ने पलटवार करते हुए कहा कि अमरपाल के सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। पांच साल पार्टी में रहते हुए उन्होंने इस तरह के आरोप नहीं लगाए। पार्टी से निष्कासन के बाद वह पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही बसपा साहिबाबाद विधानसभा सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित करेगी।