पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप के बाद सोमवार को साहिबाबाद से बसपा विधायक अमरपाल शर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इसके साथ ही उनका टिकट भी कैंसल कर दिया गया है। अब साहिबाबाद सीट से बसपा किसी और प्रत्याशी को उतारेगी।
आलाकमान के निर्देश पर बसपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती ने अमरपाल शर्मा का निष्कासन पत्र सार्वजनिक कर दिया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो जल्द ही साहिबाबाद सीट सेे प्रत्याशी का नाम घोषित किया जाएगा।
पिछले करीब दो माह से बसपा विधायक अमरपाल शर्मा के बारे में भाजपा से नजदीकियां होने की चर्चा चल रही थी। हालांकि कुछ दिन पहले बसपा ने साहिबाबाद से अमरपाल शर्मा को दोबारा टिकट दिए जाने की घोषणा भी कर दी।
तब अमरपाल शर्मा ने इन सभी चर्चाओं को गलत बताते हुए बसपा के टिकट पर ही चुनाव लड़ने का दावा किया था। हालांकि सोमवार को अचानक पार्टी ने उनका निष्कासन का पत्र जारी कर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी।
जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती ने कहा कि अमरपाल शर्मा लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। लगातार पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। आलाकमान से मंजूरी मिलने के बाद ही उनका निष्कासन किया गया है।
बहन जी ने नहीं सुनी तो निर्दलीय ठोंकेंगे ताल
मायावती
- फोटो : self
पार्टी से निष्कासन के बाद अब विधायक अमरपाल शर्मा बसपा सुप्रीमो मायावती के सामने अपना पक्ष रखेंगे। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया है। साथ ही यह दावा किया कि अगर बसपा में उनकी वापसी नहीं होती तो वे साहिबाबाद से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
करीब तीन माह से विधायक अमरपाल शर्मा के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं का बाजार गर्म था। हालांकि पिछले दिनों बसपा से उनका टिकट होने के बाद सभी चर्चाओं पर विराम लग गया था।
सोमवार सुबह अचानक उनके निष्कासन की घोषणा के बाद विधायक के राजेंद्र नगर और इंदिरापुरम कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। राजेंद्र नगर कार्यालय पर पहुंचे समर्थकों ने कहा कि वह हर स्थिति में अमरपाल शर्मा के साथ हैं। विधायक ने सभी से शांत रहने और चुनाव की तैयारी में जुटने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को वह बहनजी से मुलाकात करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि वह उनका पक्ष सुनेंगी और निष्कासन वापस ले लेंगी। अगर निष्कासन वापस नहीं होता तो वे साहिबाबाद से ही निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
पार्टी पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ब्राह्मण विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों ने ही उन्हें हटाया है। जल्द ही वे इसका जवाब देंगे।
मायावती के जन्मदिन के प्रोग्राम के बाद तय हुआ निष्कासन
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बसपा सुप्रीमो
सूत्रों की मानें तो रविवार दोपहर जीटी रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित मायावती के जन्मदिन के कार्यक्रम के बाद ही उनका निष्कासन तय हो गया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि 11 बजे के कार्यक्रम में विधायक अमरपाल शर्मा दोपहर 12 बजे पहुंचे।
सूत्रों की मानें तो अपने भाषण के दौरान उन्होंने संगठन के कुछ पदाधिकारियों की अनदेखी की, जिसके बाद इसकी शिकायत बसपा सुप्रीमो से की गई थी। जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने उन्हें सूचना दी थी कि विधायक देरी से पहुंचे हैं।
कार्यकर्ता विधायक कार्यालय पर जुटे, जताया विरोध
निष्कासन के बाद बसपा कार्यकर्ता इंदिरापुरम कार्यालय पर जुट गए। उन्होंने विधायक की शिकायत करने वाले पदाधिकारियों पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाया। साथ ही मांग की कि विधायक का निष्कासन वापस लिया जाए। देर शाम तक कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा।