अखिलेश यादव खेमे को चुनाव चिन्ह साइकिल मिलने से उनके समर्थकों में खुशी है, लेकिन चाचा शिवपाल यादव के चहेतों में खलबली मच गई है। अब लखनऊ में तैयार हो रही सपा प्रत्याशियों की नई सूची चाचा के चहेतों की नींद उड़ाएगी। यह सूची मंगलवार शाम तक जारी हो सकती है। गाजियाबाद में भी प्रत्याशी बदले जा सकते हैं।
अखिलेश खेमे की कांग्रेस और रालोद से गठबंधन पर भी वार्ता जारी है।समाजवादी पार्टी के कैबिनेट मंत्री व प्रवक्ता रहे राजेंद्र चौधरी ने इसकी पुष्टि की है। राजेंद्र चौधरी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी हैं। ‘अमर उजाला’ ने फोन पर हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि प्रत्याशियों की नई सूची तैयार की जा रही है।
इसे अंतिम रूप देकर मंगलवार शाम तक जारी किया जा सकता है। उन्होंने गाजियाबाद में भी प्रत्याशियों के नामों में बदलाव की बात कही। गठबंधन के नजरिए से भी प्रत्याशियों के नामों पर मंथन किया जा रहा है।
हालांकि उन्होंने किसी सीट विशेष का नाम तो नहीं लिया कि लेकिन यह जरूर कहा कि गठबंधन हुआ तो गाजियाबाद में सभी सीटों पर सपा के प्रत्याशी नहीं रहेंगे। ऐसे में अखिलेश यादव खेमे को साइकिल का चुनाव चिन्ह मिलने से शिवपाल यादव खेमे के प्रत्याशियों की नींद उड़ी हुई है।
बंधन में सीट गई तो बदलनी पड़ेगी रणनीति
सपा में घमासान
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सपा, कांग्रेस और रालोद में गठबंधन की अटकलों में घोषित प्रत्याशियों की टेंशन बढ़ा दी है। गठबंधन फाइनल हुआ तो कई प्रत्याशियों को अपनी राहें बदलनी होंगी। चर्चा है कि मोदीनगर सीट गठबंधन में अगर रालोद के खाते में जाती है तो सपा प्रत्याशी रामआसरे शर्मा चुनाव मैदान से हट सकते हैं,
निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में ताल ठोंक सकते हैं। मोदीनगर सीट से रालोद के सुदेश शर्मा मौजूदा विधायक हैं। हालांकि रालोद ने अभी तक सुदेश शर्मा के नाम की घोषणा नहीं की मगर, पिछले दिनों रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत ने इस बात का इशारा किया था। माना जा रहा है कि गठबंधन में यह सीट रालोद को मिल सकती है।
हालांकि सपा प्रत्याशी रामआसरे शर्मा का कहना है कि वह पार्टी के साथ हैं और शीर्ष नेतृत्व जो आदेश देगा वह उसी का पालन करेंगे।मुरादनगर सीट गठबंधन में सपा के पास रहने की प्रबल संभावना है। इसका कारण 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी का यहां दूसरे नंबर पर रहना माना जा रहा है।
सोमवार को इस सीट पर सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष संजय यादव और व्यापारी नेता अभिषेक गर्ग के नाम की चर्चा रही। संजय यादव अखिलेश के करीबी माने जाते हैं और शिवपाल यादव ने प्रदेश अध्यक्ष बनने के कुछ दिन बाद ही उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीते सप्ताह संजय यादव अखिलेश यादव से मिलकर भी आए हैं। अभिषेक गर्ग का नाम एक बार पहले भी इस सीट के लिए चला था। हालांकि प्रत्याशियों की नई सूची आने पर ही साफ होगा कि मुरादनगर से सपा के सिंबल पर चुनाव कौन लड़ेगा।