थाना क्षेत्र में करीब एक सप्ताह पूर्व युवती की बरात दिल्ली से आई थी। शादी संपन्न होने के बाद सुबह विदाई के समय दूल्हे को दौरा पड़ गया। जिसको देखकर दुल्हन ने दूल्हे के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया था। जिसके बाद बरात बिना दुल्हन को लिए ही चली गई थी।
अगले दिन फिर से दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचे और बातचीत की। इसके बाद दूल्हे का मेडिकल चेकअप भी कराया गया। जिसमे सब नॉर्मल आया, यानि दूल्हे को कोई बीमारी होना नहीं पाया गया। लेकिन, इसके बाद भी दुल्हन ससुराल जाने को राजी नहीं हुई। बाद में गांव में दोनों पक्षों के प्रबुद्धजनों के बीच पंचायत हुई थी। जिसमें यह निर्णय निकाला गया कि दूल्हा आगामी एक सप्ताह तक ससुराल में रहेगा। इस दौरान यदि उसे कोई दौरा नहीं पड़ा तो दुल्हन को उसके साथ विदा कर दिया जाएगा।
फरमान सुनाए जाने का समर्थन करते हुए दूल्हा एक सप्ताह तक ससुराल में रहा। इस दौरान दूल्हे को दौरा नहीं पड़ा, न ही उसकी कोई बीमारी उजागर हुई। जिसके बाद गुरुवार को दुल्हन को दूल्हे के साथ विदा कर दिया गया।