दवाओं का जेनेरिक नाम लिखने को लेकर आईएमए लगातार बैठक कर रहा है। बैठक में सभी चिकित्सकों को बोल्ड लेटर में जेनेरिक दवाओं के नाम लिखने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल जेनेरिक स्टोर कम होने के कारण ब्रैकेट में ब्रांड नेम भी लिखने की छूट दी गई है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने जेनेरिक दवाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्देश जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर कई मीटिंग की है। चिकित्सकों ने बुधवार को भी मीटिंग की थी, जिसमें सभी डॉक्टरों को जेनेरिक नाम लिखने के निर्देश दिए थे।
आईएमए प्रेसिडेंट डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि इस मीटिंग में सभी डॉक्टरों को स्पष्ट किया गया है कि यदि संस्था से जुड़े किसी डॉक्टर पर जेनेरिक नाम न लिखने का आरोप लगता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आईएमए के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. वीबी जिंदल का कहना है कि दवा के पर्चे पर जेनेरिक नाम प्रमुखता से लिखा जाएगा। साथ ही ब्रांड नेम ब्रैकेट में लिखने की छूट डॉक्टरों को दी गई है। ऐसा इसलिए है कि जिले में काफी कम जन औषधि केंद्र हैं और हर जगह जेनेरिक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए शुरूआत में जेनेरिक दवाओं के साथ-साथ ब्रैकेट में ब्रांड नेम भी लिखा जाएगा।