हरिद्वार जाने वाली ट्रेनों में बृहस्पतिवार को भीड़ बढ़ गई। काउंटर पर दिनभर टिकट लेने के लिए मारामारी रही। ट्रेन आते ही बैठने को लेकर कांवड़ियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। व्यवस्था बनाने में आरपीएफ व जीआरपी के पसीने छूट गए। देर रात में आने वाली कांवड़ मेला स्पेशल समेत अन्य ट्रेनों की निगरानी के लिए अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
जीआरपी निरीक्षक नवरत्न गौतम ने बताया कि बीते दो, तीन दिन से हरिद्वार जाने वाली ट्रेनों में भीड़ कम थी, लेकिन बृहस्पतिवार से भीड़ बढ़ गई है। करीब पांच हजार कांवड़िये अलग-अलग स्टेशनों से रवाना हुए। दिल्ली से भी ट्रेनें फुल आ रही हैं। आने वाले दो, तीन दिन तक अब स्थिति ऐसे ही रहेगी। इसलिए विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत अधीनस्थों को दी गई है। मुख्यालय से भी इसकी निगरानी कराई जा रही है। स्टेशन पर आने वाले कांवड़ियों को अफरा-तफरी न फैलाने की सलाह दी जा रही है। उनको ट्रेनों में सुरक्षित बैठाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
तीन घंटे 20 मिनट देरी से आई स्वर्ण मंदिर मेल
बृहस्पतिवार को स्वर्ण मंदिर मेल अपने निर्धारित समय से तीन घंटे 20 मिनट देरी से गाजियाबाद पहुंची। इसको यहां दोपहर 2:43 पर पहुंचना था, लेकिन यह यहां पर शाम को 6:03 बजे पहुंची।
शालीमार मलानी 50 मिनट, आनंद विहार टर्मिनल जन साधारण एक घंटे 22 मिनट, नेताजी एक्सप्रेस एक घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस 36 मिनट, दिल्ली सहारनपुर आधा घंटे, हजरत निजामुददीन 35 मिनट, अंबाला कैंट चार घंटे 36 मिनट, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, आनंद विहार स्पेशल छह घंटे 10 मिनट देरी से गाजियाबाद पहुंची। सुबह भी 13 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से चार घंटे तक देरी से आईं।