ट्रैफिक पुलिस को 12 बॉडी वार्न कैमरे मिल गए हैं। अब यहां भी दिल्ली की तर्ज पर ट्रैफिक संचालित होगा। कैमरों में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ जनता की भी बातचीत और हरकतें कैद होंगी। मंगलवार को यह कैमरे चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को आवंटित कर दिए जाएंगे।
दरअसल, ट्रैफिक संचालन के दौरान इस तरह की शिकायतें की जाती हैं कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने चालान के दौरान अभद्रता की या रिश्वत ली। दूसरी तरफ, ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी जनता पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हैं। ऐसी हरकतें रोकने और सच्चाई का पता लगाने के लिए बॉडी वार्न कैमरे मददगार होंगे।
इन्हें जीपीएस या जीपीआरएस के जरिए कंट्रोल रूम से अटैच किया जाएगा। कैमरा पुलिसकर्मी की जैकेट या यूनिफार्म में लगाया जाएगा। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि यह कैमरे इसलिए लगाए जाएंगे, ताकि ड्यूूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी सही से ड्यूटी अंजाम दें। उन्होंने बताया कि एक बॉडी वार्न कैमरे की कीमत 23 हजार 900 रुपये है। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने 2 लाख 86 हजार 800 रुपये में 12 बॉडी वार्न कैमरे खरीदे हैं। यह रात में भी कारगर हैं।
इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग को सुबूत के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बता दें कि बॉडी वार्न कैमरे वाली व्यवस्था सबसे पहले लखनऊ में शुरू की गई थी। वहां प्रयोग सफल होने के बाद इसे अन्य जनपदों में लागू किया जा रहा है।