सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने मुख्यमंत्री और डीएम को शिकायत भेजकर बताया कि नगर से गुजरने वाली काली नदी को साफ करने की मांग की गई थी। उनकी शिकायत के आधार पर ही नदी की सफाई और अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए नमामि गंगे अभियान के तहत 90 करोड़ रुपये जारी किए थे।
आरोप लगाया कि जिले में समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना और डीएम को भी शिकायत दी गई थी। जिसमें आश्वासन दिया था कि जल्द ही काली को साफ और कब्जा मुक्त कराने के लिए कदम उठाया जाएगा। आश्वासन के बाद भी अभी तक न तो काली नदी को साफ करने के लिए काम शुरू किया गया और न ही अवैध कब्जा हटवाने के लिए कोई कदम उठाया गया है।
दूसरी ओर सिंचाई विभाग के अधिकारी एक शिकायत पर जबाव दे रहे हैं कि उनके क्षेत्र में काली नदी पर कोई अवैध कब्जा नहीं है। मामले में डीएम सीपी सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाकर काली नदी की पैमाइश कराई जाएगी। अवैध कब्जा हटना चाहिए और इसके लिए कदम भी उठाए जाएंगे।