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37 साल पहले शुरू हुई थी कविनगर की रामलीला

Sat, 17 Sep 2016 10:50 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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राम सीता - फोटो : demo pic
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श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर का इतिहास ज्यादा पुराना तो नहीं है, लेकिन काफी कम समय में ही यहां की रामलीला के मंचन में प्रगति हुई है। मात्र 37 साल पुरानी इस रामलीला के लिए बारे में समिति के सदस्य बताते हैं कि 1979 से इसकी शुरूआत हुई थी। पहली रामलीला का मंचन ही काफी भव्य रूप से किया गया था।
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इसके शुभारंभ के लिए दिल्ली का मशहूर बैंड बुलाया गया था।कविनगर रामलीला की शुरूआत समाजसेवी जेडी जैन ने की थी। उन्होंने ही रामलीला समिति का रजिस्ट्रेशन कराया था। श्री धार्मिक रामलीला के संस्थापक अध्यक्ष जेडी जैन, हरप्रसाद तिवारी, रमेशचंद्र तोमर, राजकुमार जैन, सतीश बिंदल, पूर्व महापौर तेलुराम कांबोज, गिरधारी लाल सहित 11 लोगों ने मिलकर पहली रामलीला का मंचन कराया था।

पहली रामलीला के मंचन को दर्शक देख सकें, इसके लिए पांच हजार कुर्सियां और 1400 सोफे लगाए गए थे। इसके अलावा दिल्ली के मशहूर जिया बैंड, मास्टर बैंड, शिवमोहन बैंड, गाजियाबाद का जनता बैंड सहित 11 बैंड मंगाए गए थे।
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जेडी जैन ने बताया कि दिल्ली निवासी होने के कारण पहली बार में ही दिल्ली में जैसा रामलीला का मंचन होता था, वैसी रामलीला का मंचन यहां शुरू किया। वह तीन साल तक श्री धार्मिक रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष रहे। वर्तमान में वह इस रामलीला के संरक्षक हैं। शुरूआत के तीन साल साधारण स्टेज पर ही मंचन हुआ, बाद में उसे बेहतर किया गया।

तीन साल के अंदर उन्होंने रामलीला ग्राउंड की बाउंड्री बनवाई और स्थानीय लोगों की मदद से चारों गेट बनवाए। उस समय से ही बुलंदशहर, मेरठ और आगरा आदि से झांकियां आती हैं। रामलीला मंचन के लिए मथुरा के कलाकार और पुतले बनाने के लिए मेरठ से कलाकार आते हैं। उसी समय भी आतिशबाजी होती थी।
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