लोनी। कंचन पार्क कॉलोनी में छह-सात युवकों ने ऑटो चालक युवक को बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया। उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पीड़ित परिजनों ने शाहरुख समेत छह अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। साथ ही दो अस्पतालों पर बेटे को भर्ती नहीं करने और पुलिस पर समय रहते मेडिकल नहीं कराने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि वह बेटे को लेकर अस्पताल और चौकी के चक्कर काटते रहे, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों के आरोपों की जांच कराने की बात कही है।
मूलरूप से मोदीनगर के कलछीना निवासी राजमिस्त्री चरण सिंह ढाई दशक से लोनी की मुखिया गेट कॉलोनी में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बेटा सोनू (32) ऑटो चलाता था। शनिवार को उसे कंचन पार्क कॉलोनी स्थित कपड़े के गोदाम से सामान लेकर रूप नगर कॉलोनी जाना था।
सोनू गोदाम पर सामान लेने पहुंचा तो उसी दौरान छह-सात युवकों ने उसे लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी भाग चुके थे। वह सोनू को नजदीकी निजी अस्पताल लेकर गए, जहां से हालत गंभीर बताकर उसे रेफर कर दिया गया। दूसरे अस्पताल में गए तो पुलिस की पर्ची न होने के कारण इलाज करने से इन्कार कर दिया गया।
इस पर परिजन सोनू को कस्बा पुलिस चौकी लेकर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस से शिकायत लेकर सोनू का इलाज कराने के लिए कहा गया, लेकिन पुलिस ने मेडिकल नहीं कराया। पीड़ित पिता ने बताया कि रात करीब ढाई बजे सोनू की तबीयत बिगड़ी तो 50 बेड के अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बिना मेडिकल के इलाज करने से मना कर दिया।
इसके बाद परिजन रविवार सुबह फिर से चौकी पहुंचे। इसी बीच तबीयत बिगड़ने पर सोनू को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब साढ़े आठ बजे उसने दम तोड़ दिया। पिता का आरोप है कि पुलिस ने समय पर सुनवाई नहीं की, जिससे बेटे की जान चली गई।
आरोपी को पकड़ने के बाद छोड़ा, फिर छोड़ा
पिता का आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया था, जिसे कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, सोनू की मौत के बाद पुलिस ने दोबारा उस आरोपी को पकड़ लिया है।
पिता बोले, पांच मिनट तक पीटते रहे आरोपी
चरण सिंह ने पुलिस को बताया कि घटनास्थल पहुंचने पर पता चला कि बेटे के सीने पर लाठी-डंडों से वार करते हुए आरोपी उसे करीब पांच मिनट तक पीटते रहे। इससे उसको कमर, पेट व सीने पर गंभीर चोटें आईं। उनका कहना है कि बेटे को समय पर उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चल सकेगा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंचन पार्क कॉलोनी में रहने वाले शाहरुख व छह अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस पर परिजनों के जो आरोप हैं, उनकी जांच कराई जाएगी।