नगर निगम में अब सामुदायिक भवनों की बुकिंग भी डेबिट-क्रेडिट कार्ड से हो सकेगी। नगर निगम ने प्राइवेट बैंक से टाई अप कर सभी जोनल कार्यालय और मुख्यालय में 22 स्वाइप मशीनें लगवाने का निर्णय लिया है। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रत्येक जोन में दो मशीनें लैंडलाइन से और दो मशीनें जीपीआरएस से कनेक्ट होंगी।
दरअसल, नोटबंदी की वजह से हुई कैश की किल्लत के चलते नगर निगम ने लोगों को डिजिटल ट्रांजेक्शन से भुगतान का विकल्प देने का फैसला किया है। यानी सीवर, पानी व हाउस टैक्स, दुकानों का किराया, सामुदायिक भवनों की बुकिंग के लिए कैश के साथ-साथ कार्ड से भी भुगतान को स्वीकार किया जाएगा।
नगर आयुक्त अब्दुल समद ने बताया कि एचडीएफसी बैंक से टाई अप कर पांच जोन में चार-चार स्वाइप मशीनें और दो मशीनें मुख्यालय में लगवाई जाएंगी। एक सप्ताह में यह मशीनें लग जाएंगी। राहत की बात यह भी है कि डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर लोगों को अतिरिक्त सरचार्ज नहीं देना होगा।
- कैश बैंक तक पहुंचाने का झंझट भी होगा खत्म
संपत्ति कर, किराया भुगतान और सामुदायिक भवनों की बुकिंग में नगर निगम में प्रतिदिन लाखों रुपया नगर निगम में पहुंचता है। इसे बैंक तक पहुंचाने में सुरक्षा का खतरा रहता है। कई बार कलेक्शन के अगले दिन अवकाश होने पर कैश को रखने की परेशानी खड़ी हो जाती है।
ऐसे में, कार्ड से भुगतान होगा तो सीधे नगर निगम के खातों में पहुंचेगा। इससे बैंक तक कैश पहुंचाने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। साथ ही कैश गबन की संभावनाएं भी कम हो जाएंगी।