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Ghaziabad News: डेढ़ करोड़ की जगह माॅल पर लगाया सिर्फ 47 लाख का कर

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साहिबाबाद। मोहननगर स्थित वर्ल्ड स्क्वायर मॉल पर मानक से ही दो गुना कम गृहकर लगाए जाने पर महापौर सुनीता दयाल ने नाराजगी जाहिर की। शनिवार को वह मॉल का निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां मालूम हुआ कि मॉल पर केवल 47 लाख रुपये गृहकर लगाया गया है जबकि नक्शे के मुताबिक इस पर करीब डेढ़ करोड़ का गृहकर होना चाहिए था।
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उन्होंने मौके पर अधिकारियों को बुलाकर मॉल की पैमाइश करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नक्शे के मुताबिक गृहकर लगाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि माॅल के अंदर 1000 दुकानें, तीन स्क्रीन सिनेमा, हाइपर मार्केट, बैंकेट हाल, पार्किंग, होटल और 70 कमरें है। उन्होंने कहा कि वह लगातार इस तरह निरीक्षण कर रही हैं और अब तक उन्होंने यही पाया है कि व्यावसायिक भवनों पर गृहकर बहुत कम लगाया गया है।



उन्होंने कहा कि गृहकर में बहुत बड़ी अनियमितता सामने आ रही है। इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है। महापौर ने कहा कि वह स्वयं गृहकर की समीक्षा कर रही हैं। जहां से भी गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, मौके पर पहुंच कर इसकी जांच कर अधिकारियों के समन्वय से उचित गृहकर लगाया जा रहा है।
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इससे नगर निगम की आय में बढ़ोत्तरी हो रही है। महापौर ने कहा कि गृहकर में अनियमितता को दूर करने के लिए सख्त कदम उठाया जा रहा है। इसके जल्द ही सफल परिणाम सामने आएंगे औ शहर के सभी वार्डो में इस रकम से चौमुखी विकास भी किया जा सकेगा। इस दौरान मौके पर मौजूद मोहननगर जोन के जोनल प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि माल के अंदर दुकान, पार्किंग, मल्टीप्लेक्स, बैकेंट हाल का अलग-अलग गृहकर है। रविवार को पूरे माल, दुकान और हाल सहित माल के अन्य स्थल की पैमाइश कराने के बाद गृहकर का आकलन कर गृहकर बढ़ाया जाएगा।
पहले भी किया संपत्ति कर के खेल का खुलासा
20 सितंबर को महापौर ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित केडब्ल्यूए दिल्ली 6 मॉल का निरीक्षण कर नगर निगम के संपत्ति कर विभाग की बड़ी लापरवाही का खुलासा किया था। मॉल की केवल 224 दुकानों पर कर लगाया गया, जबकि 464 दुकानों पर कर लगाया ही नहीं गया। टैक्स में धांधली के लिए मॉल की एक दुकान पर दो पिन नंबर जारी किए गए। इसी तरह जुलाई में संतोष अस्पताल पर कम संपत्ति कर लगाए जाने के मामले का खुलासा किया था। इससे पहले 25 जुलाई को आरडीसी में एक ही आकार की दुकानों पर अलग-अलग दरों से संपत्ति कर लगाने की धांधली उजागर की थी।
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