नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कौशांबी स्थित बरसाती नालों की सफाई के मामले में गाजियाबाद नगर निगम की फरियाद पर 6 मार्च की तारीख लगा दी है। सुनवाई में निगम के कमिश्नर पेश नहीं हो पाए। निगम की अधिवक्ता ने पीठ को बताया कि उनकी मां का देहांत हो गया है, इस वजह से वे हाजिर नहीं हो सके।
वहीं पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि हाजिर होना जरूरी नहीं है, बल्कि आदेशों का मजबूती से पालन किया जाना जरूरी है।जस्टिस जावद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को मामले पर सुनवाई की। याची विनय मित्तल ने कहा कि एनजीटी के कई आदेशों के बावजूद अभी तक बरसाती नालों की सफाई नहीं की गई है।
मालूम हो कि एनजीटी के आदेश के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने सीवेज लाइन के लिए 1.17 करोड़ रुपये नगर निगम को दिए थे। पीठ ने भी नगर निगम के अधिवक्ता से कहा कि आपकी पुरानी स्टेटस रिपोर्ट से यह जाहिर होता है कि आप लोगों ने आदेशों की अनदेखी की है।
अगली सुनवाई में नगर निगम कमिश्नर, जल कल विभाग के जनरल मैनेजर व इंजीनियर को ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश होने को कहा।