गाजियाबाद। कैंसर की एक्सपायर दवाओं को नए लेबल के साथ बेचने के मामले में कुछ बंद फार्मा कंपनियों के सक्रिय होने के जानकारी सामने आ रही है। इनकी जांच की जा रही है।
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्र ने बताया कि इस क्रम में सोमवार को औषधि विभाग की टीम भट्ठा नंबर पांच स्थित केयर हुड कंपनी के ऑफिस पहुंची, जहां ताला लगा मिला। केयर हुड कैंसर की एक्सपायर दवाएं बेचने के आरोपी विश्वास त्यागी के लिए फर्जी बिल तैयार करती थी। कंपनी से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
विश्वास के संपर्क वाले 150 मेडिकल स्टोर पर नजर
अभी तक की जांच में जिन फार्मा कंपनियों के नाम सामने आए हैं, उनमें से ज्यादातर बंद हैं। इनके संचालकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी विश्वास त्यागी की मेडिसिन हब भी वर्ष 2023 में कैंसर की नकली दवा मामले में कार्रवाई के बाद बंद चल रही थी। वर्ष 2023 में ही कैंसर की नकली दवाएं बेचने के मामले में सामने आए 150 मेडिकल स्टोर संचालकों के बारे में फिर से जानकारी जुटाई जा रही है। अंदेशा है कि विश्वास अपने पुराने साथियों की मदद से एक्सपायर दवाओं की सप्लाई कर रहा था। सीजीएचएस से जुड़े मरीजों के लिए आने वाली दवाओं के स्टाॅक की कालाबाजारी में शामिल अस्पतालों के बारे भी जानकारी जुटाई जा रही है।