गाजियाबाद। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए गए सैंपल अधोमानक, मिथ्या छाप और नियमों के उल्लंघन पर दायर 60 वादों की सुनवाई हुई। जनवरी माह में हुई सुनवाई में सभी प्रतिष्ठानों पर 42,05,000 का जुर्माना लगाया गया है। इसमें बड़े ब्रांड के दूध-पनीर सहित मिठाइयां और चिली लाइम सीजनिंग अधोमानक मिले हैं। इसके अलावा बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित 17 दुकानों पर भी जुर्माना लगाया गया है।
जिला अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि अवरिश अमूल पार्लर साहिबाबाद के अमूल गाय के दूध का सैंपल अधोमानक पाए जाने पर तीन लाख 20 हजार का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा आरडीसी स्थित नाथूज के खोया और बादाम मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर 20-20 हजार का जुर्माना लगा है। बिग बाजार के पनीर सैंपल पर एक लाख 50 हजार का जुर्माना, डीएलएफ के बीकानेर स्वीट्स के कलाकंद पर 50 हजार, पिज्जा हट वसुंधरा के पनीर दो लाख 50 हजार, मोर रिटेल के बेसन पर दो लाख का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा क्राॅसिंग रिपब्लिक स्थित केएफसी के चिली लाइम सीजनिंग पर 15 हजार का जुर्माना लगाया गया है। विनीत कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में जनवरी तक एडीएम सिटी कोर्ट और न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में कुल 356 वाद दायर किए गए जिसमें से 342 वाद का निर्णय हुआ है, जिसमें अभी तक कुल दो करोड़ 77 लाख से अधिक का जुर्माना लगा है।
बिना खाद्य लाइसेंस के चल रही थीं 17 दुकानों पर 30 हजार से लेकर 70 हजार तक जुर्माना लगाया गया है, जिसमें अधिकतर दुकानें मांस की हैं। मैसर्स जाहिद कुरैशी किराना स्टोर लोनी, इस्लामुद्दीन किराना स्टोर डासना गेट, नदीम, खोड़ा, न्यू असलम चिकन मीट शॉप, राइटगंज, हिंदू झटका मीट और चिकन शॉप, मैसर्स ताहिल हलाल मीट शॉप खोड़ा, पाकीजा हलाल मीट वसुंधरा सहित अन्य दुकानें शामिल हैं।