गाजियाबाद। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंच रही गर्भवती को जीटीबी दिल्ली रेफर करने के नाम पर निजी अस्पतालों में भर्ती कराने का मामला सामने आया है। विजय नगर क्षेत्र के चरण सिंह कॉलोनी निवासी योगेश कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया है कि निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर करीब एक लाख रुपये वसूल किए गए। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में कमीशनखोरी और मिलीभगत की आशंका जताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
सीएमओ को दिए शिकायती पत्र के अनुसार योगेश कुमार की पत्नी कविता को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल से उन्हें जीटीबी अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया। इसी दौरान सुनीता नाम की आशा कार्यकर्ता ने दिल्ली जाने से रोकते हुए प्रताप विहार के निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आशा कार्यकर्ता की ओर से निजी अस्पताल में करीब 35 हजार रुपये में इलाज होने की बात कही गई थी। अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज के नाम पर करीब एक लाख रुपये की राशि वसूल ली गई। योगेश ने आशा कार्यकर्ता और सरकारी अस्पताल के बीच मिलीभगत की आशंका जताई है।
उन्होंने सीएमओ से सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं और निजी अस्पताल के बीच कथित कमीशनखोरी की जांच कराने की मांग की है। साथ ही धमकी देने के आरोप की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने रेफरल पर्ची, अस्पताल के बिल और भुगतान से जुड़े दस्तावेज जांच के लिए उपलब्ध कराने की बात कही है।