जलाभिषेक की तिथि निकट आने के बावजूद कांवड़ यात्रा की तैयारी अभी अधूरी हैं। कुछ दिन पूर्व ही कांवड़ मार्ग की मरम्मत हुई थी, मगर एक ही बारिश में सड़क उखड़ चुकी है। उधर, तपिस कांवड़ियों के पसीने छुटा रही है। हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों का काफिला खतौली पहुंच चुका है। कांवड़ियों की सेवा के लिए कांवड़ मार्ग पर सेवा शिविर लगने शुरू हो गए हैं।
श्रावण मास अगस्त की पहली तारीख को शिवालयों में जलाभिषेक होगा। इसको मात्र दस दिन का समय रहने के बावजूद कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारी आधी अधूरी हैं। कांवड़ मार्ग पर साफ सफाई का कार्य अभी भी जारी है। मजदूरों द्वारा घास फूंस काटा जा रहा है ।
कांवड़ मार्ग पर अभी जगह जगह गड्ढे बरकार
कांवड़ मार्ग पर जगह जगह छोटे-बड़े गड़्ढे हैं। दिलचस्प बात यह है कि पीडब्ल्यूडी द्वारा कुछ दिनों पूर्व ही मुरादनगर गंगनहर से गाजियाबाद सीमा तक कांवड़ मार्ग की मरम्मत की गई थी। पिछले दिनों क्षेेत्र में हुई हल्की बारिश से कई स्थानों पर सड़क उखड़ गई है।
जिससे जगह जगह छोटे बड़े गड्ढे बन गए हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का काफिला खतौली पहुंच चुका है। जो एक दो दिन में कांवड़ मार्ग से गुजरेगा। हालांकि दूर दराज क्षेत्र के इक्का दुक्का कांवड़ियां अभी भी सुबह शाम की ठंड में मोदीनरगर और कांवड़ मार्ग से गुजरना शुरू हो गए हैं। पीडब्ल्यूडी के अतिधशासी अभियंता ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि उखड़ी सड़क की पुन: मरम्मत कराई जाएगी।
बारिश का इंतजार
मोदीनगर और कांवड़ मार्ग पर अभी बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आगमन शुरू नहीं हुआ है। मगर, हरिद्वार से गंगा जल लेकर गंतव्य की ओर तेजी से बढ़ रहे कांवड़ियों पर सूर्य देव की चिलचिलाती धूप और उमस कहर बन कर टूट रही है। इससे बचने के लिए कांवड़ियां सुबह और शाम रास्ता तय कर रहे हैं। उनको बारिश का इंतजार है।