साहिबाबाद। दिल्ली एम्स का सेटेलाइट सेंटर वसुंधरा के सेक्टर सात में बनेगा। यह आवास विकास परिषद की दस एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इस जमीन की कीमत 487 करोड़ रुपये है। जमीन देने के लिए परिषद जारी है। परिषद की बोर्ड बैठक में जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है।
परिषद के आयुक्त डाॅ. बलकार सिंह ने बताया कि एम्स के सेंटर के लिए जमीन देने का प्रस्ताव आया था। जनहित में इसे मंजूरी दे दी गई है। जब भी निर्माण शुरू होगा, जमीन मुहैया करा दी जाएगी। वसुंधरा के सेक्टर सात और आठ में परिषद की 80 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इसमें से सेक्टर सात की जमीन दी जाएगी।
एम्स का सेटेलाइट सेंटर खोले जाने की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में ही एक कार्यक्रम में की थी। पिछले साल की गई इस घोषणा के बाद ही सेंटर के लिए जमीन की तलाश की जा रही थी। शहर में कई जगह जमीन देखी गई। आखिर में वसुंधरा की जमीन को फाइनल किया गया है। अब इंतजार केंद्र सरकार की ओर से सेंटर खोले जाने की दिशा में कदम उठाए जाने का है। सीएम योगी कह चुके हैं कि फाइल केंद्र के पास जा चुकी है। इसके बाद एम्स की टीम गाजियाबाद का दौरा भी कर चुकी है। टीम के सर्वे के बाद ही वसुंधरा की जमीन का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
आसपास के जिलों को भी मिलेगा लाभ
एम्स का सेटेलाइट सेंटर खुल जाने से सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर समेत पश्चिमी यूपी के कई शहरों को लाभ मिलेगा। दिल्ली एम्स में मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से परेशानी आती है। वसुंधरा में सेंटर खुल जाने से मरीज यहीं पर उपचार ले सकेंगे।
दिल्ली रेफर नहीं करने पड़ेंगे मरीज
गाजियाबाद के सरकारी अस्पतालों की स्थिति यह है कि जैसे ही कोई गंभीर हालत का मरीज आता है, वैसे ही उसे प्राथमिक उपचार देकर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाता है। दिल और सांस के विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की वजह से भी ऐसा किया जा रहा है। एम्स का सेंटर खुल जाने से शहर में ही लोगों को उपचार मिल सकेगा। मरीजों को दिल्ली नहीं जाना होगा।