गाजियाबाद। इस बार मार्च अप्रैल में ही जून-जुलाई की गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन तीन अप्रैल के बाद से इस गर्मी से कुछ राहत मिलने वाली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तीन अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम कुछ ठंडा होगा और तीखी धूप से राहत मिलेगी।
अभी से मौसम में इतनी अधिक गर्मी मौसम विशेषज्ञों को भी हैरान कर रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि ऐसा मौसम में जून या जुलाई के महीने में देखा जाता है।
मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ तीन अप्रैल को जम्मू काश्मीर में आएगा, जिसकी वजह से ठंडी हवाएं चलेंगी। पहाड़ों में बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली एनसीआर में भी मौसम में कुछ ठंडक आएगी।
तापमान में जो लगातार वृद्धि हो रही थी, उससे कुछ राहत मिलेगी। पहाड़ों में बर्फबारी और बूंदाबांदी के आसार हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा मौसम तीन से लेकर पांच अप्रैल तक बना रहेगा। इस महीने में औसतन जितना तापमान होना चाहिए उससे चार से पांच डिग्री अधिक तापमान है। लेकिन जल्द ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
मौसम की मार, अभी से टायफायड के मरीज बढ़े
गाजियाबाद। मौसम में गर्मी के साथ ही अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पतालों में टायफायड और उल्टी दस्त के मरीज सबसे अधिक आने लगे हैं। तेज धूप और लू की वजह से मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में अभी से टायफायड और डेंगू के लक्षणों वाले मरीज आने लगे हैं। बुखार के साथ-साथ प्लेटलेट्स कम होने की समस्या देखी जा रही है। डॉ. अंशुल वार्ष्णेय ने बताया कि अभी से टायफायड और डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों का आना चिंता का विषय है।
फीवर आदि के अलावा पेट की समस्याओं के मरीज भी काफी अधिक आने लगे हैं। छोटे बच्चों में उल्टी-दस्त की भी समस्या देखी जा रही है। जिला अस्पताल में भी जहां ओपीडी में 1200-1300 मरीज आते थे, वहां 1500 मरीज आने लगे हैं, जिसमें सबसे अधिक फीवर और उल्टी-दस्त के मरीज हैं।