राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण और लेट हो सकता है। इसके रास्ते में अब पावर कारपोरेशन की अंडरग्राउंड हाइटेंशन लाइनें आ गई हैं। सड़क के दोनों ओर बिछी हाइटेंशन लाइनों को अब शिफ्ट करना पड़ेगा। जीडीए के विद्युत विभाग ने इसके लिए प्लानिंग बना ली है, जल्द काम शुरू होगा।
50 करोड़ की लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर के निर्माण में यह दिक्कतें उसके खास डिजाइन के कारण आ रही हैं। राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर बनने वाला यह फ्लाईओवर सड़क के बीच न होकर दोनों साइडों में होगा। दो लेन मेरठ की ओर जाने के लिए बनेंगी और दो लेन मेरठ से दिल्ली की ओर जाने के लिए।
बीच में करीब 18 मीटर जगह हाईस्पीड ट्रेन के लिए छोड़ी जाएगी। दोनों साइडों में पावर कारपोरेशन की 33 और 132 केवी की लाइनें बिछी हुई हैं। ऐसे में अब फ्लाईओवर निर्माण के लिए पाइल फाउंडेशन तैयार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत लाइनों की वजह से खुदाई नहीं हो पा रही है।
जीडीए के विद्युत विभाग ने तैयार किया प्लान
जीडीए के विद्युत अनुभाग ने लाइनों को शिफ्ट करने के लिए प्लान तैयार कर लिया है। यह प्लान जीडीए चीफ इंजीनियर एससी द्विवेदी के पास भेज दिया गया है। चीफ इंजीनियर से स्वीकृति मिल गई है। अब जल्द ही इन लाइनों की शिफ्टिंग का काम शुरू किया जाएगा।
फ्लाईओवर के निर्माण से पहले हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट कराया जाएगा। इसके लिए विद्युत अनुभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। जब तक रुड़की आईआईटी से डिजाइन पास होकर आएगा, इसी दौरान लाइन शिफ्ट हो जाएंगी। फ्लाईओवर का निर्माण समय से पूरा कराया जाएगा। - एससी द्विवेदी, चीफ इंजीनियर, जीडीए