अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद फंसे भारतीय नागरिकों को मंगलवार शाम सी-17 ग्लोब मास्टर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया। विमान शाम चार बजे जामनगर होते हुए यहां पहुंचा। यात्रियों के विमान से बाहर आते ही भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे से एयरबेस गूंज उठा।
डर के साये से निकल अपनी सरजमीं पर आए नागरिकों के चेहरे खुशी से चमक उठे। गुलाब के फूलों की बौछार कर उनका स्वागत किया गया। वायुसेना ने कड़ी सुरक्षा के बीच आईटीबीपी जवान, एंबेसी के स्टाफ, सिक्योरिटी इंचार्ज को बस व अन्य वाहनों से अपने गंतव्य की तरफ रवाना किया।
सोमवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से भारतीयों को लेने के लिए वायुसेना का सी-17 ग्लोब मास्टर विमान हिंडन एयरफोर्स से रवाना हुआ था। मंगलवार सुबह नौ बजे से ही वायुसेना के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। संभावना थी कि विमान काबुल से 148 भारतीयों को लेकर 12 बजे तक हिंडन एयरफोर्स पहुंच जाएगा।
मगर शाम करीब सवा चार बजे विमान हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा। इससे पहले काबुल दूतावास में आईटीबीपी के सिक्योरिटी इंचार्ज तेजेंद्र शर्मा के परिजन व गाजियाबाद के वैशाली निवासी फ्रीलांस जर्नलिस्ट कनिका गुप्ता के माता-पिता उन्हें लेने के लिए स्टेशन के बाहर पहुंच गए थे। वह भी विमान के आने का इंतजार कर रहे थे। विमान के लैंड करते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। खुशी से वह चहक उठे।
एयरफोर्स स्टेशन से सबसे पहले अफगानिस्तान में भारत के राजदूत रुदेंद्र टंडन को एक कार से रवाना किया गया। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे वायुसेना के जवानों ने सेना की तीन बसों और कुछ चार पहिया वाहनों से कड़ी सुरक्षा के बीच सभी भारतीय जवान और स्टाफ को गंतव्य की तरफ रवाना किया।
लोगों ने उनकी बसों पर गुलाब के फूलों की बौछार की। बस में सवार लोग भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारे लगा रहे थे। मीडियाकर्मियों ने इनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बसों को रवाना कर दिया गया। बस में चलते हुए भारतीयों ने इतना बताया कि काबुल में हालात काफी गंभीर हैं।
अपनी सरजमीं पर आकर उन्होंने राहत महसूस की है। उनके चेहरे पर खुशी थी। वे अपने परिजनों से जल्द मुलाकात चाह रहे थे। अपने गंतव्य की तरफ जाते हुए सभी ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
बताया गया कि विमान में करीब 148 भारतीय शामिल थे। इसमें काबुल दूतावास पर राजदूत रूदेंद्र टंडन, आईटीबीपी के सिक्योरिटी इंचार्ज तेजेंद्र शर्मा, आईटीबीपी जवान व भारतीय नागरिक शामिल थे। इस दौरान जवान और सभी भारतीयों ने भारत सरकार और वायुसेना का आभार व्यक्त किया।