गाजियाबाद। जनपद मेरठ की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) गाजियाबाद ने शास्त्रीनगर से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एडवोकेट पैनल में शामिल अधिवक्ता अवधेश कुमार त्यागी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि अधिवक्ता ने बंधक मकान को कूटरचित दस्तावेजों पर सर्च लीगल रिपोर्ट लगाकर आरोपियों को बैंक से 2.80 करोड़ रुपये का ऋण दिलाने में सहायता की है।
ईओडब्ल्यू के डीएसपी जितेंद्र सिंह कालरा ने बताया कि वर्ष 2018 में आरोपी यशदेव जैन ने अपनी फर्म पीडी ट्रेडर्स पर अपने साथी रामकिशोर वर्मा के मकान केएच-162 कविनगर की संपत्ति को गारंटी के रूप में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में बंधक रखकर 2.80 करोड़ रुपये का उक्त आरोपियों को ऋण देने में सहयोग किया। आरोप है कि उक्त संपत्ति को पूर्व में आरोपी रामकिशोर वर्मा ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया विकासपुरी शाहदरा दिल्ली में बंधक रखकर चार करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त कर लिया था। आरोप है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया गाजियाबाद के पैनल अधिवक्ता अवधेश कुमार त्यागी ने आरोपियों से साज कर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज जैसे रजिस्ट्री पत्र की जांच किए बगैर इन्हें मूल अभिलेख बनाकर सर्च लीगल रिपोर्ट तैयार करके बैंक को प्रेषित कर दी। बैंक ने इसे आधार बनाकर आरोपियों की फर्म पीडी ट्रेडर्स के खाते में ऋण स्वीकृत कर 2.80 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इससे राजकीय धन की क्षति हुई है। डीएसपी ने बताया कि आरोपी को एंटी क्रप्शन थाने से जेल भेज दिया गया है।