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हिंडन से सटे गांव में जहर उगल रहे हैंडपंप

Sat, 16 Jul 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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सूख्‍ाे हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
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मुरादनगर। हिंडन से सटे गांवों के लोग दूषित पानी पीने से गंभीर बीमारियों की चपेट में आते जा रहे हैं। हिंडन से जुड़े गांव नेकपुर, सुठारी और विहंग में लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं।
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तीनों गांवों के हजारों लोग, बच्चे और महिलाएं हैंडपंपों से आ रहे दूषित पानी को पीकर डायरिया, पीलिया, किडनी, दांतों के साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आते जा रहे हैं।  

सुठारी गांव का हैंडपंप बांट रहा बीमारी
हिंडन से सटे गांव सुठारी की प्रधान कृष्णा यादव ने बताया कि गांव में 2600 की आबादी में 55 हैंडपंप लगे हैं। हैंडपंपों का पानी दूषित होने के कारण लोग कैंसर किडनी, पीलिया, दिल की बीमारी की गिरफ्त में आते जा रहे हैं।
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गांव में पानी की टंकी लगी है, लेकिन उसका पानी सिर्फ 150 घरों तक पहुंचता है। कुछ लोगों ने घरों में सबमर्सिबल लगवा लिए हैं। बाकी लोग हैंडपंप का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

नेकपुर की 9500 की आबादी पी रही दूषित पानी
गांव नेकपुर के प्रधान फरमीन ने बताया कि हिंडन किनारे बसे नेकपुर गांव की आबादी करीब 9500 है। गांव में लगे 200 में से अधिकांश हैंडपंप का पानी दूषित हो चुका है। करीब 100 हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं।

गांव में 25 लाख रुपये की कीमत से बनी पानी की टंकी भी बंद है। कुछ लोग आरओ का पानी पी रहे हैं। दूषित पानी पीने से लोग कैँसर, दमा, लिवर, डायरिया जैसी खतरनाक बीमारियों की चपेट में हैं।

हैंडपंप पर लगाया रेड क्रॉस का निशान
गांव विहंग के प्रधान सरताज ने बताया कि गांव में 750 की आबादी पर 22 हैंडपंप लगे है। सभी हैंडपंप का पानी दूषित हो चुका है। पानी का टीडीएस लेवल 400 से 600 है। दूषित पानी पीने से लोग दांतों, पेट के रोगों से ग्रस्त हैं। पांच हैंडपंप का पानी अधिक दूषित होने के चलते उन पर रेड क्रॉस का निशान लगाया गया है। इसकी शिकायत सीएम और डीएम को पत्र लिखकर की गई है।

ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
जिला पंचायत सदस्य सुठारी मीनू यादव ने बताया कि गांव के लोगों को स्वच्छ पानी पीने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गांव में पानी की टंकी बनी है उससे ज्यादा से ज्यादा कनेक्शन करा कर पीने के लिए पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

टंकी में क्लोरिनेशन के बाद ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर 50 नलों की मांग करने के साथ डीएम व सीडीओ से 100 नि:शुल्क पानी के कनेक्शन कराने की मांग की गई है। उन्होंने लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से किए जा रहे अमर उजाला के कार्यों की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।

लोगों से सुनाई आपबीती
दूषित पानी पीने से लोगों के पेट खराब हो रहे हैं। दांतों में कीड़ा लग रहा है और बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। - कालीचरण यादव सुठारी।
पानी का दूषित पानी आने के कारण कर्ज लेकर सबमर्सिबल लगवाया है। प्रशासन को दूषित पानी से बचाव के ठोस कदम उठाने चाहिए। - नरेश बंसल विंहग।
घर के पास लगे हैंडपंप का पानी पूरी तरह से दूषित है। हैंडपंप पर रेड क्रॉस लगा है। करीब 200 मीटर दूसरी से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं। - नवल सिंह विहंग।
साल 2006 में पानी की टंकी बनी थी। केवल छह माह लोगों ने टंकी का पानी इस्तेमाल किया। खराब गुणवत्ता होेने के कारण गांव में बिछी पाइप लाइन कई जगह डैमेज हो गई। गांव के लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में उन्हें गंभीर बीमारियां घेर रही हैं। - मौसम, अली नेकपुर।
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