गाजियाबाद। घरों के आगे लंबा-चौड़ा रैंप बनाना भी शगल बन गया है। पॉलिसी न होने की वजह से नगर निगम भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। अब बोर्ड से अतिक्रमण पॉलिसी पास होने के बाद नगर निगम ने लोगों को खुद ही रैंप हटाने का अल्टीमेटम दिया है।
नियमावली लागू होने के बाद नगर निगम रैंप तोड़ने का अभियान चलाएगा। अगर निगम कर्मचारी रैंप तोड़ेंगे तो फिर जुर्माना भी वसूलेंगे। दरअसल शहर में घरों, शोरूम और दुकानों के आगे रैंप बना लिए जाने से ड्रेनेज सिस्टम ब्लाक हो चुका है।
पाश कालोनियों में लोगों ने गेट के बाहर तो रैंप बनाया ही है, बगल में नालियों को ढक कर गाड़ियों के लिए पार्किंग भी बना डाली हैं। बरसात का पानी न तो इन नालियों में पहुंच पाता है और न ही रैंप बनने की वजह से इनकी सफाई हो पा रही है।
लोगों ने घर के बाहर ही नालियों को ढककर किचन गार्डन भी बना लिए हैं। अब नगर निगम ने अतिक्रमण पॉलिसी में रैंप को भी शामिल किया है। जरूरत से ज्यादा नालियां कवर करने वालों पर नगर निगम का प्रवर्तन दल न केवल कार्रवाई करेगा बल्कि जुर्माना और अतिक्रमण को हटाने के लिए हर्जा-खर्चा भी वसूलेगा।
रैंप के लिए तय होंगे नियम
नगर निगम रैंप बनाने के नियम तय करेगा। लोगों को घर के बाहर सिर्फ उतनी चौड़ाई में रैंप बनाने की इजाजत मिल सकती है जितना बड़ा उस मकान का मेन गेट है। 200 मीटर के प्लाट पर रैंप की लंबाई 3 फीट और इससे ज्यादा पर 5 फीट से ज्यादा नहीं होगी। इसमें भी ऐसे इंतजाम करने होंगे कि घर का पानी रैंप से होकर सीधे सड़क पर न पहुंचे, बल्कि नाली में जाए। रैंप के अलावा नाली को खुला रखना होगा।
वर्ग फुट के हिसाब से लगेगा जुर्माना
रैंप समेत नाले-नालियों पर स्थायी अतिक्रमण करने वालों से नगर निगम 200 रुपये प्रति वर्ग फुट जुर्माना वसूलेगा। यानी किसी मकान के बाहर अगर 10 गुना 10 फुट का रैंप बनाया गया है तो यानी उसने 100 वर्ग फुट कब्जा किया है। इसके लिए उसे 20 हजार रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके बाद रैंप तोड़ दिया जाएगा। दोबारा रैंप बनाया गया तो जुर्माना राशि भी दोगुनी हो जाएगी।
अतिक्रमण की वजह से शहर की सूरत बिगड़ गई है। फाइन लगाने की पॉलिसी को जल्द ही लागू कर पालन कराया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। इससे न केवल सड़कें अतिक्रमणमुक्त होंगी, बल्कि जाम और जलभराव से भी मुक्ति मिलेगी। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त।