गाजियाबाद। नौ वर्ष पहले निवाड़ी क्षेत्र में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी रोहित शर्मा और किशोरी को भगाने में सहयोग करने के आरोपी महेंद्र को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष घटना को साबित नहीं कर पाया। वहीं, गवाह भी पक्षद्रोही हो गए हैं।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार निवाड़ी थाना क्षेत्र में एक अगस्त 2015 को एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी को 22 जुलाई 2015 को रोहित शर्मा निवासी मुरादनगर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। तलाश के बावजूद भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने जांच के दौरान महेंद्र को किशोरी को भगाने में सहयोगी मानते हुए जेल भेज दिया था। दोनों युवक जेल से बाहर थे।