वसुंधरा में रहने वाले शीतल प्रसाद के मुताबिक पुत्रवधू ने उनके और उनके बेटे देवांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म से ईशू पांडे उर्फ रिशु पांडे निवासी चंदौली से पहचान हुई। आरोप है कि ईशू पांडे ने उनसे बहादुरगढ़ चंडीगढ़ न्यायालय में चल रहे उनके पारिवारिक विवाद में सहायता का वादा किया था।
साइबर क्राइम टीम ने जजों को रिश्वत देने के नाम पर एक करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पीड़ित शीतल प्रसाद से उनके पारिवारिक विवाद को सुलझाने में मदद का झांसा दिया था।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम क्षेत्र के वसुंधरा में रहने वाले शीतल प्रसाद के मुताबिक पुत्रवधू ने उनके और उनके बेटे देवांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म से ईशू पांडे उर्फ रिशु पांडे निवासी चंदौली से पहचान हुई। आरोप है कि ईशू पांडे ने उनसे बहादुरगढ़ चंडीगढ़ न्यायालय में चल रहे उनके पारिवारिक विवाद में सहायता का वादा किया था। जून 2025 से अप्रैल 2026 के बीच आरोपी ने शीतल प्रसाद से करीब डेढ़ करोड़ रुपये अपने खातों में हस्तांतरित कराए। उन्होंने खुद को पुजारी और सरकारी कार्यालयों में अच्छी पकड़ वाला व्यक्ति बताया था।
आरोपी ने शीतल प्रसाद के बेटे देवांशु के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में मदद का प्रलोभन दिया, जजों से अपने अच्छे संबंध होने का दावा करते हुए। उन्होंने शीतल प्रसाद को उनके बेटे को तांत्रिक विद्या का डर दिखाकर जेल भिजवाने और पुलिस से गिरफ्तार कराने की धमकी भी दी। जजों को रिश्वत देने के नाम पर ईशू पांडे ने अपने और अपनी मां के बैंक खातों में पैसे लिए। इसके अतिरिक्त, खुशबू मिर्जा, विजय, सोनी बेगम और शैली जैन के खातों में 1.34 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
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जुए में लगाए गए पैसे
ठगी की गई धनराशि का उपयोग सट्टेबाजी ऐप टिक्को ऐप पर सिक्के खरीदकर जुआ खेलने में किया गया। इस धोखाधड़ी में खुशबू मिर्जा निवासी पटना, बिहार ने अभियुक्तों की काफी मदद की थी। पुलिस अब खुशबू मिर्जा की तलाश कर रही है। साइबर क्राइम टीम इस मामले में आगे की जांच कर रही है।