मोदीनगर। ईशापुर-नहाली संपर्क मार्ग पर रविवार रात भूसे से भरा ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉला अनियंत्रित होकर खुले नाले में पलट गया। ट्रॉले पर सो रहे हाशिम और आकिब नाले में ट्रॉला व भूसे के नीचे दब गए। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों आपस में ममेरे-फुफेरे भाई थे।
घटना भोजपुर थाना क्षेत्र की है। लगभग 15 फीट चौड़े व 10 फीट गहरे नाले के किनारे चार किमी लंबा मार्ग बना है, लेकिन यहां सुरक्षा दीवार तक नहीं है। एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना के अनुसार, बागपत जिले की कैतीपुरा कॉलोनी में रहने वाला उबैद ट्रैक्टर-ट्रॉला से भूसा सप्लाई करता है।
वह रविवार रात अपने साथी इरफान और दो सहयोगियों बागपत के कैतीपुरा निवासी हाशिम (20) व आकिब (22) के साथ भोजपुर के नहाली गांव स्थित एक पनीर प्लांट पर भूसा सप्लाई करने जा रहा था।
ट्रैक्टर उबैद चला रहा था। इरफान उसके पास बैठा था। हाशिम व आकिब ट्रॉला पर सो रहे थे। रात करीब एक बजे वह नाले के किनारे बने ईशापुर-नहाली मार्ग पर पहुंचे। यहां लगभग एक किमी चलने के बाद हादसा हो गया।
इसके बाद उबैद घटनास्थल के समीप स्थित प्राइवेट फैक्टरी के सुरक्षा कर्मी अवतार सिंह को सूचना देकर इरफान समेत लापता हो गया।
ढाई घंटे की मशक्कत के बाद निकाले जा सके शव : अवतार सिंह के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे उन्होंने पुलिस कंट्रोलरूम को मामले की जानकारी दी। सबसे पहले डायल 112 की गाड़ी पहुंची, फिर भोजपुर थाना पुलिस निजी कंपनी के हाइड्रा के साथ आई। अवतार सिंह के अनुसार, उबैद ने ट्रॉला के नीचे किसी के दबने की जानकारी नहीं दी थी। पुलिस को करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दो युवक नाले में दबे मिले। उनको मोदीनगर सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों की पुलिस से हुई नोकझोंक : सीएचसी में मृतकों के परिजनों ने पुलिस से पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए कहा। इसको लेकर परिजनों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझाया व शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूसा सप्लायर व ट्रैक्टर चालक उबैद और उसका साथी इरफान भी परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे थे।